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11 मार्च 2011

मध्यप्रदेश में इस साल आखिरी पीएमटी

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स ) में एडमिशन एमपी प्रीपीजी और एमबीबीएस में एमपी पीएमटी से ही होंगे।

देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन की एकल प्रवेश परीक्षा (कॉमन एंट्रेस टेस्ट : सीईटी) अगले साल से होगी।

यह जानकारी मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर गठित बोर्ड ऑफ गर्वनर (बीओजी) के सदस्य प्रो.गौतम सेन ने दैनिक भास्कर से चर्चा में दी। प्रो. गौतम सेन बताया कि शैक्षणिक सत्र 2011-12 की ऑल इंडिया प्रीपीजी टेस्ट हो चुका है जिससे देश के सभी राज्यों के मेडिकल कॉलेजों की 50 फीसदी सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। वहीं विभिन्न राज्यों के पीएमटी के कार्यक्रम घोषित हो चुके हैं। इस वजह से वर्तमान शैक्षणिक सत्र में कॉमन एंट्रेस टेस्ट से एडमिशन देने का नियम लागू नहीं किया जा रहा है।


प्रो.सेन के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन सीईटी से देने की मंजूरी 7 मार्च को दी है। सीईटी में फार्म भरे जाने की प्रक्रिया से लेकर परीक्षा कराने तक की प्रक्रिया में करीब दो माह का समय लगेगा। इसकी तैयारियां बीओजी नहीं कर पाया है। इस वजह से इस शैक्षणिक सत्र में मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा राज्य सरकारों को कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं जिसकी मॉनीटरिंग बीओजी करेगा।
सरकार से मांगे हैं निर्देश

व्यावसायिक परीक्षा मंडल के परीक्षा नियंत्रक डॉ.एसएस भदौरिया ने बताया कि एमपीप्रीपीजी 17 अप्रैल को कराने की योजना तैयार की गई है। सुप्रीम कोर्ट से मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन सीईटी से कराने के फैसले के संबंध में संचालनालय चिकित्सा शिक्षा को चिट्ठी लिखी है। निर्देश मिलने पर 17 अप्रैल को प्रीपीजी 2011 कराने की अधिसूचना जारी की जाएगी। डॉ. भदौरिया ने बताया कि पीएमटी का परीक्षा कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है।

क्या है मामला

बोर्ड ऑफ गवर्नर ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में संचालित पाठच्यक्रमों में एडमिशन कॉमन एंट्रेस टेस्ट से देने का नियम तैयार किया था जिस पर विभिन्न राज्यों के मेडिकल कॉलेज संचालकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। कॉलेज संचालकों का पक्ष सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 7 मार्च को मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन कॉमन एंट्रेस टेस्ट से देने का फैसला सुनाया। साथ ही इसे इसी साल से लागू करने को कहा था(रोहित श्रीवास्तव,दैनिक भास्कर,भोपाल,11.3.11)।

1 टिप्पणी:

  1. चलो इस साल तो चिंता दूर हुई
    वैसे cee का लाभ होनहार बच्चों को जरूर होगा

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