एक बार फिर वक्त आ गया जब ग्रेजूएशन पूरा करने वाले विद्यार्थियों के लिए साल का अंतिम दौर चल रहा है। हर जगह कैंपस प्लेसमेंट की प्रक्रिया ने जोर पकड़ा हुआ है। कुछ संस्थानों में कैंपस प्लेसमेंट की प्रक्रिया हो चुकी हैं, तो कुछ संस्थानों में प्रक्रिया का सिलसिला अभी जारी है। इस बार प्रबंधन संस्थानों में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) के अलावा अन्य बी-स्कूलों में कंपनियों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। प्रमुख संस्थानों जैसे एक्सएलआरआई, आईएमटी गाजियाबाद, टा पाई मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट (टीएपीएमआई), जैवियर इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट भुवरेश्रवर, जामलाल बजाज, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरन ट्रेड (आईआईएफटी) और इंटरनेशनल मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट (आईएमआई) में प्राथमिक स्तर पर वेतन में १२ से २० फीसदी तक का इजाफा दर्ज किया गया। इन संस्थानों में न्यूनतम वेतन १० लाख रुपए प्रतिवर्ष तक गया।
आईआईएम में जाने वाले कंपनियां जैसे आई-बैंक, कंसलटेंसी फर्म और शीर्ष एमएनसी ने भी पहली बार इन संस्थानों में बच्चों की नियुक्त करने में लिए दस्तक दी। आईएमटी गाजियाबाद के एक अधिकारी ने बताया कि साल २०११ कैंपस प्लेसमेंट के लिए सबसे अच्छा रहने वाला हैं। वर्ष २००९ और २०१० में गति नियुक्ति प्रक्रिया के बाद अब प्लेसमेंट का दौर मंदी से पूर्व की स्थिति में पहुंच गया है। अधिकारी ने बताया कि आईएमटी में पहली बार गोल्डमैन सैशे और पीएंडजी नियुक्ति में यहां पहुंचीं।
साथ ही यहां औसत वेतन पैकेज १२ फीसदी बढ़कर ९.३ लाख रुपए पर पहुंच गया। मुंबई के जामलाल बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में वैश्विक स्तर की कंपनियों की संख्या में इस इजाफा हुआ। इस बार संस्थान में नियुक्ति के लिए मैकेंजी, सिटीबैंक प्रमुख नियुक्तिकर्ता रहे। इसके अलावा एचयूएल, आईटीसी और पीएंडजी भी शामिल हुईं। इस साल एक्सएलआरआई में १५ नई कंपनियां आईं, जिन्होंने औसत वेतन पैकेज २०१० में १४.२ लाख रुपए के मुकाबले १५.८ लाख रुपए प्रतिवर्ष दिया। एक्सआईएमबी को उम्मीद है कि इस साल उनके यहां ३० नई कंपनियां नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार के साथ आगे बढ़ रही है जिससे ज्यादा से ज्यादा वेतन पैकेज के ऑफर मिलने वाले हैं। एक्सएलआरआई में कुल १०९ कंपनियों ने ३१७ ऑफर दिए। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि आईटी कंपनियों की वापसी, एफएमसीजी कंपनियों की रफ्तार में तेजी और बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के मजबूत प्रदर्शन के कारण प्लेसमेंट प्रक्रिया में काफी सुधार दर्ज किया जा रहा है। इसके अलावा भारतीय कंपनियां भी दोबारा अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, जो विद्यार्थियों के लिए कई संभावनाएं पैदा कर रही हैं। कुछ कंपनियों का कहना है कि वह आईआईएम के अलावा अन्य संस्थानों की ओर भी अपना रुख करने वाली हैं। हालांकि, आईआईएम को दिए जाने वाले वेतन का मुकाबला करना थोड़ा मुश्किल होगा। आईआईएम का जलवा इस बार देखा गया। आईआईएम-लखनऊ में प्लेसमेंट प्रक्रिया का अंतिम दौर समाप्त हो गया। इस साल आईआईएम-लखनऊ के ३६६ विद्यार्थियों के लिए कुल ५२८ ऑफर आए। यह अभी तक का सबसे बड़ा बैच माना जा रहा है, यहां करीब ७० प्री-प्लेसमेंट ऑफर प्राप्त हुए हैं।
इस बार करीब ५३ नई कंपनियां नियुक्ति के लिए संस्थान में पहुंचीं। वहीं, आईआईएम-कोलकाता ने कहा कि २०११ में उनहे औसत वेतन पैकेज पिछले साल जितनी ही रहने की उम्मीद है। पिछले साल आईआईएम-कोलकाता में पिछले साल उच्चतम पैकेज १.६ करोड़ रुपए दिया गया था। इस साल विद्यार्थियों की संख्या में ३८ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। संस्थान ने यह भी बताया कि वित्तीय कंपनियों द्वारा भारत के भीतर ३० से ४० लाख रुपए का भुगतान दिया जाएगा और विदेशों में नौकरी मिलने पर यह भुगतान ४० से ६० लाख रुपए रहेगा(आशुतोष वर्मा,नई दुनिया,दिल्ली,14.3.11)।
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