मेडिकल कालेजों में प्रवेश के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से घबराए महाराष्ट्र के छात्र अब राहत की सांस ले सकते हैं। राज्य के मेडिकल शिक्षा मंत्री डा. विजयकुमार गावित व उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश टोपे ने साफ संकेत दिए हैं कि मेडिकल व इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए इस साल राज्य स्तर पर ही प्रवेश परीक्षा ली जाएगी।
हाल में सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कौंसिल को देश भर के मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सीईटी यानी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की इजाजत दी थी। इस फैसले से महाराष्ट्र के छात्रों में बेचैनी थी और इसका इंतजार किया जा रहा था कि कि राज्य सरकार इस बारे में क्या निर्णय करेगी?
भास्कर से बातचीत में गुरुवार को श्री टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र के मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों में प्रवेश के लिए हर साल की तरह ही राज्य स्तर पर सीईटी लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में इस साल तो कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
इसका कारण यह है कि बारहवीं की परीक्षा दे रहे लाखों छात्र-छात्राओं ने राज्य स्तर के कोर्स के मुताबिक ही पढ़ाई की है। उन्होंने सीईटी की तैयारी भी इसी आधार पर की है। अगर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की सीईटी देने के लिए मजबूर किया गया तो उन्हें काफी नुकसान होगा। हमारे ज्यादातर बच्चे केंद्रीय सीईटी में फेल हो सकते हैं।
जाहिर है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा सीबीएसई कोर्स के मुताबिक ली जाएगी। इसलिए हम राज्य के बच्चों का नुकसान नहीं होने देंगे। इस बीच मेडिकल शिक्षा मंत्री डा. गावित ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया की ओर से केंद्र सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर सीईटी के लिए पत्र लिखना होगा।
इसके बाद सीईटी के कोर्स पर विचार होगा। वैसे भी कई राज्यों की तरफ से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इसलिए तमाम औपचारिकताओं को पूरा होने में कम से कम छह महीने लग सकते हैं। स्वाभाविक है कि कम से कम इस साल तो राज्य स्तर की सीईटी के जरिए ही प्रवेश दिए जाएंगे।
तमाम औपचारिकताओं को पूरा होने में कम से कम छह महीने लग सकते हैं। स्वाभाविक है कि कम से कम इस साल तो राज्य स्तर की सीईटी के जरिए ही प्रवेश दिए जाएंगे।
डा. गावित, मेडिकल शिक्षा मंत्री(दैनिक भास्कर,मुंबई ब्यूरो,11.3.11)
आभार इस जानकारी के लिये।
जवाब देंहटाएं