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20 मार्च 2011

अमृतसरःयूनिवर्सिटी का एक विभाग होगा खालसा कॉलेज

खालसा यूनिवर्सिटी और कालेज के विवाद पर अभी तक चुप्पी साधे बैठी खालसा कालेज चैरिटेबल सोसायटी अब खुलकर सामने आ गई है। शनिवार को पदाधिकारियों ने विवाद की वजह से पैदा हुई गलत फहमियों को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि खालसा यूनिवर्सिटी का सपना 1920 में देखा गया था। खालसा कालेज खालसा यूनिवर्सिटी का एक विभाग होगा और सभी खालसा कालेज यूनिवर्सिटी से ही एफिलिएटेड होंगे। यह विस्तार की प्रक्रिया है, न कि संस्था का वजूद खत्म करने का प्रयास। कौंसिल के उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्डा, आनरेरी सचिव राजिंदर मोहन सिंह छीना और एडीशनल आनरेरी सचिव हरमिंदर सिंह ने बताया कि बदलते परिवेश में देशभर के कालेज खुद को यूनिवर्सिटी में बदलने की कोशिश में लगे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार के पास पंजाब के 19 कालेजों के आवेदन उन्हें विवि का दर्जा देने के लिए आए हुए हैं। विधानसभा के इस सेशन में खालसा यूनिवर्सिटी और डीएवी यूनिवर्सिटी का केस पेश होने जा रहा हैं। खालसा यूनिवर्सिटी के लिए समय-समय पर बहुत कोशिशें हुईं। 1932,1950,1969, 2007 और 2010 में इसे लेकर प्रस्ताव पारित किए गए। 2010 में सरकार ने निजी विवि एक्ट बनाया तो दोबारा अप्लाई किया गया। सरकार से लेटर ऑफ इनटेंट मिल गया है और इस सेशन से खालसा विवि में कक्षाएं लगेंगी।


इमारत व संस्था के वजूद से छेड़छाड़ नहीं: 
उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक खालसा कालेज का वजूद उसकी ऐतिहासिक विरासती इमारत से है। यूनिवर्सिटी बनाने की प्रक्रिया में न तो इमारत से छेड़छाड़ होने वाली है और न ही किसी संस्था के वजूद से। खालसा यूनिवर्सिटी बनने से सभी कालेज एक विभाग की तरह उसका हिस्सा बन जाएंगे, जिसमें मेन कालेज भी शामिल होगा। प्रथम चार वर्षो की प्रक्रिया में संस्थान जीएनडीयू से संबंधित रहेंगे, जबकि बाद में यह खालसा विश्वविद्यालय का पूरी तरह से हिस्सा बन जाएंगे।

खालसा यूनिवर्सिटी के वजूद में आने के बाद सरकारी ग्रांट पर काम कर रहे अध्यापकों और कर्मचारियों की नौकरी पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। यह बात उनके साथ हुई बैठक तक में कहीं जा चुकी है। इतना ही नहीं अगर कोई विवि की शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करता होगा तो भी उन्हें विवि से संबंधित कालेजों में जोड़ दिया जाएगा। अगले चार सालों तक कई अध्यापक वैसे ही रिटायर हो जाएंगे। जो रह जाएंगे, उनके पूरे वेतन का ख्याल सोसायटी उनकी रिटायरमेंट तक रखेगी।

ग्रांट बंद होने से नहीं पड़ेगा कोई फर्क: 
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि खालसा यूनिवर्सिटी चलाने में वह पूरी तरह से सक्षम हैं। अभी भी सोसायटी तीन एडेड और आठ प्रोफेशनल कालेज चला रही है। साथ ही तीन पब्लिक स्कूल और दो एडेड स्कूल चल रहे हैं। विवि बनने के बाद खालसा कालेज की पांच छह करोड़ की ग्रांट बंद होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सोसायटी का सत्तर करोड़ का बजट है, जिसमें में यह एडजस्ट हो जाएगा।

पुलिस छावनी बना कालेज, स्टाफ पहुंचा गुरुघर की ओट मेंखालसा कालेज और खालसा यूनिवर्सिटी के विवाद की वजह से शनिवार को कालेज परिसर पुलिस छावनी में तबदील हो गया। दंगा रोधी दस्ते ने शनिवार को दिनभर कालेज को घेरे रखा, जबकि अपनी धड़पकड़ की आशंका के चलते कालेज स्टाफ शाम को प्रस्तावित प्रदर्शन रद्द कर श्री दरबार साहिब की ओट में चला गया। श्री अकाल तख्त साहिब पर चौपाई साहिब का पाठ करते हुए स्टाफ ने कालेज की चड़दीकला और प्रबंधकीय कमेटी की सुबुद्धि देने की अरदास की। कालेज स्टाफ रविवार को अपनी अगली रणनीति तैयार करेगा। दोपहर को कालेज गवर्निग कौंसिल की पत्रकारवार्ता और शाम को कालेज स्टाफ के धरने में कोई टकराव के हालात न बने, इसलिए सुरक्षा प्रबंध बढ़ा दिए गए थे(विपिन कुमार राणा,दैनिक भास्कर,अमृतसर,20.3.11)।

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