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14 मार्च 2011

बोर्ड परीक्षा के लिए अर्थशास्त्र की तैयारी

इकोनॉमिक्स विषय का हौव्वा आमतौर पर छात्रों में पाया जाता है। शायद इस विषय का काफी हद तक सैद्धांतिक होना इसका एक प्रमुख कारण हो सकता है। लेकिन गौर किया जाए तो स्पष्ट नजर आता है की यह विषय मूलतः हमारे इर्द गिर्द की रोजमर्रा की जिन्दगी से अलग नहीं है। सिर्फ समझने का फेर ही कहा जा सकता है। जितना ड्राय यह सब्जेक्ट नजर आता है असल में ऐसा नहीं है और साइंस की भांति इसमें भी बोर्ड में पूरे अंक लाने कठिन नहीं हैं। इस बार हम अपनी चर्चा को केंद्रित कर रहे है १२वीं के अर्थशास्त्र विषय पर। परखे हुए टिप्स के अतिरिक्त महत्वपूर्ण टॉपिक्स की भी जानकारी देने का प्रयत्न इस लेख में किया जा रहा है।

* यह विषय जानबूझकर बहुत कठिन रूप में स्कूली स्तर पर शामिल नहीं किया गया है यही कारण है कि अर्थशास्त्र की बेसिक जानकारियों पर ही इस पेपर में प्रश्न ज्यादातर पूछे जाते हैं। जो जितनी सरल और स्पष्ट तरीके से इन जानकारियों को उत्तर के रूप में पेश कर सकता है उसपर परीक्षक की मेहरबानी भी उतनी ज्यादा देखी जा सकती है।

* परीक्षा के चंद दिन ही अब बचे हैं इसलिए नई किसी पुस्तक को देखना कतई उपयुक्त नहीं कहा जा सकता है। सबसे अच्छा तो यही रहेगा की एनसीईआरटी की किताब के एक-एक शब्द को पढ़ जाए। अधिकांश कांसेप्ट इसी दौरान समझ में आ जाएंगे। बस जरूरत होगी सिलसिलेवार तरीके से लिखने की।

* इकोनॉमिक्स की विभिन्न अवधारणाओं और सिद्धांतों में रेखाचित्रों का प्रयोग बहुत जरूरी होता है। किसी कीमत पर इस बात को नजरंदाज करने की भूल नहीं करें। इनका अभ्यास आपको अच्छे अंक दिलाने में काफी मददगार होगी।

* परीक्षा में कुलैर प्रश्न होते हैं जिनके अंक एक से लेकर अधिकतम न तक होते हैं। भरसक प्रयास करें की जिन प्रश्नों के अंक सर्वाधिक हैं उनको अंतिम समय के लिए नहीं छोड़ें। इसका फायदा यह होगा की आपके ऊपर से तनाव का भोझ कम हो जाएगा और आप आसानी से कम मान वाले प्रश्नों के उत्तर थोड़ा ज्यादा समय लगाकर भी लिख सकेंगे।



* जहां तक महत्वपूर्ण टॉपिक्स की बात है तो माइक्रो इकोनॉमिक्स में कंज्यूमर बिहेवियर एंड डिमांड, प्रोड्यूसर बिहेवियर एंड सप्लाई आदि पर थोड़ा अधिक ध्यान दें। उत्तर में व्यवहारिक जीवन से संबंधित उदाहरणों का हवाला देने का प्रयत्न अधिक अंक दिलामें सार्थक भूमिका निभा सकता है।

* इसी प्रकार मेक्रो इकोनॉमिक्स में राष्ट्रीय आय, आय एवं रोजगार, जीडीपी, जीएनपी आदि विषयों पर ज्यादा समय लगाएं। हो सके तो ताजा इकोनॉमिक सर्वे अथवा बजट की प्रति से इस बारे में लेटेस्ट डेटा हासिल कर उत्तरों में इस्तेमाल करें।

ग डायग्राम (रेखाचित्र) की प्रैक्टिस में एक्सिस की सही लेबलिंग अवश्य करें। रफ डायग्राम बनाने की आदत नहीं डालें । पेन्सिल से ही ये डायग्राम हमेशा बनाएं ।

* न्यूमेरिकल्स भी इस प्रश्न पत्र के अभिन्न अंग होते हैं। इनके फार्मूलों का ज्ञान सिर्फ प्रेक्टिस से ही संभव है। इनको रटें नहीं, समझने का प्रयास करें।

* अर्थशास्त्रियों के नामों एवं उनके द्वारा प्रतिपादित सिद्घांतों का उद्घरण परीक्षक पर अच्छा प्रभाव डालता है। इससे जाने अनजाने आपके बहुपठित होने का इम्प्रेशन पड़ता है। 

* उत्तर पुस्तिका देने से पहले इसे पूरी तरह से पढ़ लें। इसी प्रकार न्यूमेरिकल्स की जांच कर निश्चित कर लें की कहीं गलती नहीं हुयी है। 

देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रश्नों में वर्तमान परिदृश्य को किसी न किसी रूप में उत्तरों के साथ अवश्य जोडें।
(अशोक सिंह,नई दुनिया,दिल्ली,14.3.11)

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