अब बी.एस.सी. करने वाले विद्यार्थियों को एक और लाभ मिल सकेगा। राज्य तकनीकी निदेशालय (डीटीई) ने ऐसे विद्यार्थियों को इंजिनियरिंग में प्रवेश के लिए विशेष छूट देने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत बी.एससी. करने वाले विद्यार्थी अब सीधे इंजिनियरिंग के दूसरे साल में प्रवेश ले सकेंगे। इस तरह उनका एक साल बच सकेगा। इंजिनियरिंग अब भी सरकार की दृष्टि में एक महत्वपूर्ण कोर्स है और उसकी मांग भी हमेशा बनी रहती है।
गौरतलब है कि अब तक यह छूट सिर्फ इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को ही मिलती थी। अब यह छूट बी.एस.सी. करने वालों को भी मिल सकेगी। डीटीई के निदेशक डॉ. एस. के. महाजन ने बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी परिषद (एआईसीटीई) ने हाल में दूसरे वर्ष में प्रवेश पाने के लिए अंकों के प्रतिशत में भी छूट देने की घोषणा है। गत वर्ष सीधे दूसरे साल में प्रवेश के लिए 30 हजार सीटें रखी गई थीं। डिप्लोमा करने वालों को प्रवेश देने के बाद भी छह हजार सीटें रिक्त थीं। इस बात को ध्यान में रखते हुए बी. एससी करने वाले विद्यार्थियों को भी यह सुविधा देने का फैसला किया गया।
10 प्रतिशत की छूट: विशेष बात यह कि अब तक डिप्लोमा में प्रथम श्रेणी पाने वाले विद्यार्थियों को ही इंजिनियरिंग के सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश दिया जाता था। अब इस शर्त में भी भारी छूट देकर सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश के लिए मात्र 50 प्रतिशत अंक पाना अनिवार्य कर दिया गया है। मतलब सीधे-सीधे 10 प्रतिशत की छूट।
डिप्लोमा धारियों को एक और छूट: इंजिनियरिंग विषयों में डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को सीधे बी.एसी. द्वितीय वर्ष में प्रवेश देने के लिए विश्वविद्यालय की विज्ञान शाखा ने मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय फिजिक्स और इंस्ट्रुमेंशन विभाग प्रमुख डॉ. पंडित विद्यासागर ने बताया कि फिलहाल यह प्रस्ताव एकॅडमिक कौंसिल के सामने रखा गया है। यहां से हरी झंडी मिलने पर आगामी वर्ष से इस छूट को लागू किया जा सकेगा(नवभारत टाइम्स,मुंबई,26.7.11)।
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