पंजाब यूनिवर्सिटी के दो डिपार्टमेंट्स को पोटेंशियल ऑफ एक्सीलेंस के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। पीयू देश की ऐसी अकेली यूनिवर्सिटी है जिसके दो डिपार्टमेंट्स को यह दर्जा देने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश भर की यूनिवर्सिटीज से सिर्फ 16 डिपार्टमेंट्स को यह दर्जा देने के लिए चुना है।
लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी को छोड़कर किसी भी यूनिवर्सिटी के एक से ज्यादा डिपार्टमेंट इस लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। यह दर्जा मिलने के साथ ही यह दोनों डिपार्टमेंट्स पूरी तरह से स्वतंत्र तरीके से काम करेंगे।
नेनोटेक्नोलॉजी और वुमन स्ट्डीज हुए शॉर्टलिस्ट: पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इन दोनों डिपार्टमेंट्स को पोटेंशियल ऑफ एक्सीलेंस के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजी गई। इस रिपोर्ट के बाद मंत्रालय ने देश भर की 16 यूनिवर्सिटीज को यह दर्जा देने के लिए शॉर्टलिस्ट किया।
लेकिन पीयू के लिए उपलब्धि की बात यह है कि पीयू के दोनों डिपार्टमेंट्स को शॉर्टलिस्ट किया गया। जबकि किसी भी दूसरी यूनिवर्सिटी के दो डिपार्टमेंट्स को पोटेंशियल ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा नहीं मिल सका।
फुल फ्लेज सेंटर का होगा दर्जा
पोटेंशियल ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा पाने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी के ये दोनों डिपार्टमेंट फुल फ्लेज सेंटर्स के तौर पर काम करेंगे। अभी तक यह दोनों ही डिपार्टमेंट पंजाब यूनिवर्सिटी के अधीन काम कर रहे हैं।
लेकिन अब जब इन्हें सेंटर का दर्जा मिल जाएगा तो ये दोनों ही यहां की जरूरतों के हिसाब से नियुक्तियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने में स्वतंत्र होंगे।
दूसरे संस्थानों से कर सकेंगे टाईअप
पोटेंशियल ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा पाने के बाद यह दोनों ही डिपार्टमेंट पूरी तरह से स्वतंत्र तरीके से काम करेंगे। इस स्थिति में ये डिपार्टमेंट्स देश भर के किसी भी संस्थान से रिसर्च और दूसरे क्षेत्रों में काम करने के लिए टाईअप करने में भी स्वतंत्र होंगे।
रिसर्च और इक्यूपमेंट के लिए आर्थिक मदद
यह दर्जा पाने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी के इन दोनों ही डिपार्टमेंट्स को अपने-अपने क्षेत्रों में रिसर्च के लिए हर साल केंद्र सरकार से आर्थिक मदद मिलती रहेगी। यह आर्थिक मदद पाने के बाद इन डिपार्टमेंट्स के ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स को रिसर्च प्रोजेक्ट मिलेंगे।
वहीं रिसर्च के दायरे को भी और बड़ा किया जाएगा। रिसर्च के साथ ही दोनों ही डिपार्टमेंट्स को अपने यहां लेबोरेट्री और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने में तेजी आएगी(अधीर रोहाल,दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,25.7.11)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।