देशभर में डॉक्टरों को स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए अब एकल प्रवेश परीक्षा देनी होगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) जहां स्नातकों के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी यूजी) की योजना को अंतिम रूप दे रहा है, वहीं भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) ने सभी परास्नातक मेडिकल कॉलेजों में और सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए एकल प्रवेश परीक्षा कराने का फैसला किया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद यह फैसला किया गया है। एमबीबीएस में प्रवेश के लिए एनईईटी यूजी परीक्षा अगले साल मई माह में होगी। एमसीआई ने इसके लिए पहले ही समान पाठ्यक्र म तैयार कर लिया है। स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्र मों के लिए भी साझा प्रवेश परीक्षा 2012 में होना प्रस्तावित है, लेकिन परीक्षा कराने वाले संस्थान के नाम पर फैसला करने को लेकर बातचीत अभी जारी है। एमसीआई के सूत्रों ने कहा कि एम्स को अपने परास्नातक पाठ्यक्र मों के साथ अन्य संस्थानों मसलन पीजीआईएमईआर (चंडीगढ़), जेआईपीएमईआर (पुडुचेरी), सीएमसी (वेल्लूर), एएफएमसी (पुणो) और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (लखनऊ) के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपने पर विचार विमर्श चल रहा है। फिलहाल एम्स अपनी प्रवेश परीक्षा खुद आयोजित करता है। एमसीआई ने अकादमिक सत्र 2012-13 के लिए एनईईटी पीजी परीक्षा जनवरी- फरवरी 2012 में कराने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों ने कहा कि परीक्षा के पैटर्न, एमबीबीएस के अलग-अलग विषयों पर आधारित सवाल और मॉडल प्रश्न इस साल अगस्त में वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगे(राष्ट्रीय सहारा,दिल्ली,25.7.11)।
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