हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि मुहैया कराई जाएगी। छात्रा के अभिभावकों की वाॢषक आय एक लाख रुपये से 2 लाख 40 हजार रुपये तक होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि छात्रा को वर्ष में एक बार यह राशि दी जाएगी छात्रा पास होने के पश्चात अगली कक्षा में उक्त योजना के अन्तर्गत राशि लेनी की पात्र होगी। इसके अतिरिक्त, जो छात्रा पोस्ट मैट्रिक स्कोलशिप स्कीम, अनुसूचित जाति तथा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कीमों में से किसी भी स्कीम की लाभपात्र होगी, तो वह इस स्कीम के लाभ की पात्र नहीं होगी। यदि कोई छात्रा गलत तथ्य देकर उक्त स्कीम का लाभ प्राप्त करती है, तो तथ्य गलत साबित होने पर उससे राशि वसूल की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 10+2 की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत जो छात्राएं तकनीकी व्यवसायी कोर्सों में डिप्लोमा जैसे कि बीसीए, नॄसग, डीफार्मा, बीएड तथा डीएड (जेबीटी) इत्यादि करेंगी वे हॉस्टलर के लिए 7000 रुपये और नॉन-हॉस्टलर के लिए 5000 रुपये की पात्र होंगी। इसी प्रकार, जो छात्राएं ग्रेजुएट विज्ञान, वाणिज्य कक्षा/कोर्सों जैसे बीकॉम/बीएससी प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष में पढ़ रही हैं, को हॉस्टलर के लिए 9000 रुपये और नॉन हॉस्टलर के लिए 7000 रुपये की पात्र होंगी।
इसी तरह से ग्रेजुएट कक्षाओं में तकनीकी तथा व्यवसायी कोर्सों में पढ़ रही हैं जैसे बीई/बीटैक/आईटी कम्प्यूटर/मेकेनिकल/इलैक्ट्रोनिक्स/इनफोर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी तथा इलैक्ट्रिकल इत्यादि के प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक/बीसीए/ सीए/ आईसीडब्लयूए तथा सीएस में भी सभी कक्षाओं के लिए हॉस्टलर को 11,000 रुपये और नॉन हॉस्टलर को 9000 रुपये की राशि दी जाएगी। जो छात्राएं पोस्ट ग्रेजूएट विज्ञान, वाणिज्य में पढ़ रही हैं जैसे एमकॉम/एमबीए/एमएससी के लिए हॉस्टलर को 12,000 रुपये और नॉन हॉस्टलर को 10,000 रुपये तथा जो छात्राएं पोस्ट ग्रेजूएट तकनीकी तथा व्यवसायी कोर्सों जैसे एमई/एमटैक/एमएस/एमडी इत्यादि में पढ़ रही हैं, उन्हें हॉस्टलर के लिए 14,000 रुपये और नॉन हॉस्टलर के लिए 12,000 रुपये की राशि दी जाएगी(दैनिक ट्रिब्यून,चंडीगढ़,25.7.11)।
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