राज्य मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को झारखंड की सभी नौ जनजातीय भाषाओं को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिए जाने के प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी। सबसे पहले राज्य सरकार ने उर्दू को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया था।
बाद में कैबिनेट ने संताली और बांग्ला को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने पर सहमति जताई थी। मंगलवार को कैबिनेट ने उर्दू को छोड़ अन्य सभी 11 भाषाओं को विधेयक के रूप में विधानसभा में दो अगस्त को पेश करने संबंधी प्रारूप पर भी मंजूरी दे दी।
जिन भाषाओं को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव कैबिनेट ने मंजूर किया है, उनमें संताली, मुंडारी, हो, खरिया, कुड़ुख (उरांव), नागपुरी, कुरमाली, खोरठा, पंचपरगनिया, उड़िया और बांग्ला शामिल हैं। कैबिनेट ने विधानसभा के इसी मानसून सत्र में इस विधेयक को पेश करने का भी फैसला किया है(दैनिक भास्कर,रांची,31.8.11)।
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