एक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर की जॉब दूसरे फोटोग्राफरों से रोमांच और खतरों के मामले में थोड़ी अलग है। लेकिन यदि आपको जानवरों से प्यार है और आप उनकी आदतों से वाकिफ हैं तो ये गुण आपको एक बेहतर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर बना सकते हैं।
शेर के शिकार के लिए की गई हलचल हो या फिर जब मोर अपने खूबसूरत रंगीन पंखों को खुद में समेट रहा हो, एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर वन्य जीवों की इन्हीं प्राकृतिक आदतों को अपने कैमरे में कैद करता है। यह एक ऐसा पेशा है, जहां प्रकृति से लगाव, जीवों से प्यार और उससे भी कहीं अधिक उनसे अपनेपन का अहसास होना जरूरी है। इसके अलावा विषय का जानकार होना भी बेहद जरूरी है। ऐसे ही गुण वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर की दुनिया को खास बनाते हैं। फोटोग्राफी स्किल्स को लगातार सीखने की लगन भी वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर को कुछ अलग बनाती है। मेहनत व लगन से किया काम जब किसी मैगजीन या प्रदर्शनी का हिस्सा बनता है और उसकी सराहना की जाती है तो वे पल उस फोटोग्राफर को असल संतुष्टि देते हैं।
योग्यता
ऐसा कोई सीधा रास्ता नहीं, जिस पर चल कर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बना जा सके। आप के हाथों में जैसे ही कैमरा आता है, आप वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बनने का सपना साकार कर सकते हैं। अगर आप नए हैं तो आपके लिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने आसपास की हरकतों पर गौर करना शुरू करें और उन्हें अपने कैमरे में कैद करते रहें। इस स्तर पर प्रोफेशनल कैमरे की कोई जरूरत नहीं है। एक अच्छा फोटोग्राफर बनने के लिए आपको जानवरों से लगाव होना बेहद जरूरी है। आप चाहें तो बेसिक फोटोग्राफी कोर्स कर, वहां से कुछ ज्ञान प्राप्त भी कर सकते हैं। इंटरनेट पर जानवरों के व्यवहार के बारे में बहुत-सी जानकारी उपलब्ध है, आपको खुद के लिए इसे खोज निकालना चाहिए। इसके अलावा आप नजदीकी चिड़ियाघर भी जा सकते हैं। यहां पता चलेगा कि जब जानवर बेहद उत्साहित होते हैं, तब उनका व्यवहार कैसा होता है।
घड़ी की टिक-टिक ऐसे होती है शुरू
सुबह 3.30 बजे: जागना, एक कप चाय की प्याली और फिर निकल पड़ो
सुबह 4.00 बजे: रिसर्च साइट में पहुंचना और कैमरे सहित अपने साजो-सामान को तैयार करना
सुबह 4.30 से 8.30 बजे: जीव-जन्तुओं व पक्षियों को कैमरे में कैद करना शुरू।
सुबह 9.00 बजे: नाश्ता
सुबह 9.30 बजे: धूप के बहुत तेज होने से पहले कुछ अच्छे शॉट्स की तलाश।
सुबह 11.00 बजे: कैम्प की ओर वापसी व मेमरी कार्ड को खाली करना।
सुबह 12.00 बजे: नजदीक के रिजॉर्ट की ओर कदम बढ़ाना और मैगजीन एडिटर को शॉट्स भेजना।
दोपहर 3.00 बजे: फॉरेस्ट अधिकारियों व गाइड्स से मुलाकातें, ताकि जानवरों की हरकत का अंदाजा मिल सके।
दोपहर 4.00 बजे: अगले दिन के शूट के लिए कुछ रिसर्च।
शाम 5.00 बजे: अंधेरा होने से पहले कुछ उम्दा शॉट्स लेना।
रात 8.00 बजे : कैम्प की ओर लौटना। डिनर लेकर सो जाना।
मिलता क्या है
शुरू में आप स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। जितना आप काम करते हैं, उतना अधिक आप कमाते हैं। अपने काम को ऐसे अखबारों, मैगजीन या एनजीओ से जरूर बांटे, जो जीवों के अधिकारों के लिए काम कर रहे हैं। आप चाहें तो प्रदर्शनी व फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन भी कर सकते हैं। आपका ध्येय यही होना चाहिए कि आपके काम को पहचान मिले। आपके फोटोग्राफ, ग्रीटिंग कार्ड, कैलेंडर के अलावा पोस्टर के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इस स्तर पर 5,000 से 10,000 रुपए प्रतिमाह कमाए जा सकते हैं। मेहनताना आपकी प्रतिभा पर भी निर्भर करता है। एक अच्छा स्थापित वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर 30,000 से 5 लाख रुपए तक कमा रहा है। फ्रीलांस कार्य भी कर सकते हैं।
स्किल्स
बहुत अधिक धैर्य
प्रेजेंस ऑफ माइंड
वाक कुशलता
प्रकृति का आदर
प्राकृतिक संवेदना
आसानी से घुलमिल जाने के अलावा शांति बनाए रखने जैसी विशेषताएं होनी चाहिए।
कहां से करें कोर्स
नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
वेबसाइट: www.nid.edu
फर्ग्यूसन कॉलेज, पुणे
वेबसाइट: www.fergusson.edu
केनन एजुकेशन पोर्टल
वेबसाइट : www.usa.canon.com
कुछ फायदे तो कुछ नुकसान
यात्राएं बहुत अधिक करनी होंगी
आपके पास परिवार व दोस्तों के लिए कम समय होगा
काम करने की पूरी आजादी
खतरे से सामना
जिन जीवों से आप प्यार करते हैं, उन्हें बचाने में आप सहयोग कर सकते हैं
आय का नियमित न होना
आर्थिक रूप से खुद को संभालने में कुछ तकलीफें
जंगल में कैमरा प्रयोग के टिप्स
कैमरा व संबंधित समान रखने के लिए रकसैक बैग होना बेहद जरूरी है। इसके अतिरिक्त पैड वाला कैमरा बैग भी होना चाहिए।
बरसात में कैमरे का प्रयोग करते समय कैमरा कवर का प्रयोग करें।
कैमरा लैंसेज के लिए मॉयश्चर केस का प्रयोग करना चाहिए।
जरूरी सामान के लिए कैमरा पाउच होना चाहिए।
आज भी वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर का स्थान सामान्य फोटोग्राफर के मुकाबले ऊंचा है। मुश्किल से मिलने वाले एनिमल पोट्रेट की आज बहुत मांग है।
विशाल सभरवाल,
प्रोफेशनल वाइल्ड लाइफ, पोट्रेट व ट्रैवल फोटोग्राफर(पंकज घिल्डियाल,हिंदुस्तान,दिल्ली,30.8.11)
Nice lines sir...Thank you
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