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21 जुलाई 2010

मगध विश्वविद्यालयःएडमिशन हुआ नहीं, रिजल्ट प्रकाशित

मगध विश्वविद्यालय के खेल निराले हैं। अभी सरकार विश्वविद्यालयों में 2010-11 सेशन को शुरू कराने की जद्दोजहद में जुटी हुई है और विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसका रिजल्ट भी प्रकाशित कर दिया। विश्वविद्यालय के वोकेशनल पेपर के रिजल्ट मे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई है। एमबीए व एमसीए के रिजल्ट को देखकर कॉलेज प्रशासन अपना माथा पीट रहा है। कॉलेजों का कहना है कि गड़बड़ रिजल्ट छात्रों को देने पर हंगामा भड़केगा। स्नातक पार्ट वन के भी प्रकाशित रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की गई है। रिजल्ट की गड़बड़ियों को देखकर कॉलेज प्रशासन अब उसे विश्वविद्यालय को वापस भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि सुधार किया हुआ रिजल्ट प्रकाशित किया जाए।

मगध विवि प्रशासन द्वारा भेजे गए एमसीए सेमेस्टर वन, थ्री व फाइव और एमबीए सेमेस्टर वन व थ्री के रिजल्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी है। एमसीए सत्र 2009-12 के सेमेस्टर वन की परीक्षा हुई थी। वहीं कॉलेजो में भेजे गए एमसीए सेमेस्टर वन में सत्र 2010-13 अंकित किया गया है। यह गलती केवल टीआर रजिस्टर में नहीं हुई बल्कि मार्क्सशीट में भी गलत सत्र अंकित किया गया है। वहीं एमबीए सत्र 2008-10 थर्ड सेमेस्टर के रिजल्ट के टीआर रजिस्टर में बड़ा घालमेल है। जेडी वीमेंस कॉलेज में यह मामला सामने आया है। वहां भेजे गए दो टीआर रजिस्टर में अलग-अलग सत्र अंकित हैं। एक टीआर रजिस्टर में सत्र 2006-08 लिखा गया है जबकि दूसरे में सत्र 2008-10 अंकित है। हालांकि दोनों में छात्रओं का नाम व रौल नंबर सही हैं लेकिन एक में रिजल्ट पास है तो दूसरे में फेल। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अब हम किस टीआर रजिस्टर को सही मानें। मगध विश्वविद्यालय के रिजल्ट में गड़बड़ी का खेल पुराना है। पिछले वर्ष स्नातक पार्ट वन व टू के रिजल्ट में भारी गड़बड़ी हुई थी। विवि प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में परीक्षा विभाग की गड़बड़ी उजागर हुई थी लेकिन छात्रों की सहूलियत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परीक्षा विभाग को भंग किया गया लेकिन बाद में फिर पुराने पदाधिकारी वहां लौट आए। अब कॉलेजों का कहना है कि इस प्रकार की रिजल्ट छात्रों को देना हंगामा खड़ा कराएगा। जेडी वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या डा. उषा सिंह से पूछने पर उन्होंने मामले को सही बताया। उन्होंने कहा कि जो सत्र अभी शुरू ही नहीं हुआ उसका रिजल्ट कैसे प्रकाशित कर दिया गया, समझ से परे है। उन्होंने माना कि रिजल्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी है और हम रिजल्ट को वापस विश्वविद्यालय भेजने की तैयारी कर रहे हैं(हिंदुस्तान,21.7.2010)।

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