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04 जनवरी 2013

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आईटी और बीपीओ कंपनियां परेशान

दिल्ली-एनसीआर में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा चिंता यहां की आईटी-बीपीओ कंपनियों के ऑपरेशंस पर भी असर डालने लगी है। एसोचैम के सर्वे में कहा गया है कि बीते दो हफ्ते में इन कंपनियों की प्रॉडक्टिविटी 40 फीसदी तक गिर गई है। कई कंपनियों ने बेहद जरूरी पोर्टफोलियो पर काम कर रही महिलाओं के वर्किंग आवर्स उनकी डिमांड के मुताबिक अजस्ट किए हैं, जबकि कई को ब्रांच ट्रांसफर पर भी विचार करना पड़ रहा है। बीते दिनों दिल्ली में हुए आंदोलनों में शामिल कामकाजी महिलाओं में सबसे ज्यादा इन्हीं सेक्टरों की थीं और कई महिला कर्मी अब तक छुट्टी से काम पर नहीं लौटी हैं। 

एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल डी एस रावत ने बताया, 'दिल्ली-एनसीआर की 2,000 से ज्यादा आईटी, बीपीओ, केपीओ कंपनियों में करीब 2.5 लाख महिलाएं काम करती हैं, जो कुल वर्कफोर्स का 30 से 35 फीसदी है। उनके मन में किसी भी तरह की दहशत न सिर्फ उनकी मानसिक सेहत बल्कि इंडस्ट्री की वित्तीय सेहत भी खराब कर सकती है।' उन्होंने बताया कि आईटी-बीपीओ की महिला कमिर्यों पर आधारित सर्वे में करीब 38 फीसदी ने कहा कि वे कंपनी के अंदर या बाहर के सुरक्षा हालात से खुश नहीं हैं और उन्होंने अपनी किसी न किसी चिंता से कंपनी को वाकिफ कराया है। 52 फीसदी महिला कमिर्यों ने माना कि बेहतर सैलरी पैकेज की वजह से ही वे शिफ्ट में काम करना चाहती हैं, लेकिन हाल की घटनाओं के बाद नाइट शिफ्ट में काम करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहीं। हालांकि, 62 फीसदी महिला कर्मियों ने बताया कि इस हादसे और उनकी शिकायतों के बाद कंपनियों ने सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर पहल और इंतजाम किए हैं, जिससे वे संतुष्ट हैं। 

दिल्ली के अलावा नोएडा, गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद की कई फर्मों ने माना पिछले एक पखवाड़े में उनके यहां छुट्टी लेने वाली महिला कर्मियों की तादाद सबसे ज्यादा रही। एसोचैम के मुताबिक, बीपीओ फर्मों में काम करने वाली ज्यादातर महिलाएं 21 से 28 उम्र वर्ग की हैं, जिनके साथ छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न या हिंसक वारदात की आशंका सबसे ज्यादा होती है। इंडस्ट्री की बहुत सी ऑपरेशनल और कमर्शल जरूरतें इसी वर्किंग क्लास पर निर्भर करती हैं। 89 फीसदी महिला कर्मियों ने माना कि उन्होंने घर से दफ्तर की दूरी ज्यादा और असुरक्षित होने के चलते ड्यूटी आवर्स में बदलाव पर जोर दिया है और वे शाम ढलने से पहले घर पहुंच जाना चाहती हैं। 

एसोचैम की जॉइंट डायरेक्टर मंजू नेगी ने बताया, 'हमने सर्वे के बाद कई बीपीओ और आईटी फर्मों में बीते दिनों की हलचल का जायजा लिया और पता चला कि महिलाओं की सुरक्षा चिंता के कारण किसी न कसी तरह से कंपनी का कामकाज, प्रॉडक्टिविटी और प्रॉफिट घटा है। इससे दूसरे कर्मचारियों की परफॉर्मेंस भी खराब हुई है। इन कंपनियों ने कम से कम 40 फीसदी प्रॉडक्टिविटी घटने की बात मानी है।' एसोचैम ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आईटी-बीपीओ सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं की तादाद बढ़ी है। 2008-09 में आईटी-बीपीओ की कुल वर्कफोस में 32 फीसदी महिलाएं थी, जो साल 2011-12 में 52 फीसदी हो गईं। एंट्री लेवल पर यह तादाद 4 साल में 48 फीसदी से बढ़कर 62 फीसदी पहुंच गई। दिल्ली-एनसीआर में इस सेक्टर की करीब 82 फीसदी महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम करती हैं, जबकि बंगलुरू में यह आंकड़ा 82, मुंबई में 76 और हैदराबाद में 82 फीसदी है। 

सर्वे में यह भी कहा गया कि मल्टि-नैशनल और कुछ बड़ी कंपनियों को छोड़कर ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों को बेहतर और सेफ ट्रांसपोर्टेशन मुहैया नहीं कराने की स्थिति में नहीं हैं। हालांकि, ज्यादातर कंपनियां महिलाओं को पिक ऐंड ड्रॉप की सुविधा देती हैं, लेकिन इसके लिए वे ट्रैवल कॉन्ट्रैक्ट के तहत बाहरी ट्रांसपोर्ट कंपनियों की सेवाएं लेती हैं और महिलाओं को रास्ते में किसी वारदात का डर सताता रहता है(नभाटा,दिल्ली,4.1.13)।

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13 जून 2012

आरटेट के ऑनलाइन आवेदन पत्र कल से

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 9 सितंबर को ली जाने वाली राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा 2012(आरटेट) के लिए ऑन लाइन आवेदन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो रही है। 9 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। 

बोर्ड की ओर से गुरुवार से वेबसाइट की सभी लाइनें खोल दी जाएंगी। इसके लिए बोर्ड के सिविल लाइंस स्थित दफ्तर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आरटेट समन्वयक व बोर्ड सचिव मिरजूराम शर्मा के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 9 जुलाई है। परीक्षा शुल्क बैंक चालान के माध्यम से 14 जून से 9 जुलाई तक शाम 5 बजे तक जमा कराया जा सकेगा। 

यह रहेगी व्यवस्था 
बोर्ड ने इस बार चालान जमा कराने के लिए चार बैंकों में व्यवस्था की है। इनमें आईसीआईसीआई बैंक के साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा, बड़ौदा राजस्थान ग्रामीण बैंक और एसबीआई की विभिन्न शाखाएं शामिल हैं। आरटेट परीक्षा के लिए परीक्षा शुल्क पूर्व की भांति ही तय किया गया है। केवल एक स्तर की परीक्षा के लिए 400 रुपए और दोनों स्तर की परीक्षा के लिए 600 रुपए शुल्क होगा(दैनिक भास्कर,अजमेर,13.6.12)।

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महाराष्ट्रःआज एक बजे आएगा दसवीं का नतीजा

महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम बुधवार (13 जून) को घोषित किए जाएंगे। नागपुर विभाग में 2 लाख, 6 हजार 958 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। गौरतलब है कि दसवीं की लिखित परीक्षा 1 मार्च से 28 मार्च तक चली थी। नागपुर विभाग में 648 केंद्र बनाए गए थे। विद्यार्थी दोपहर 1 बजे शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर परिणाम देख सकते हैं। http://mahresult.nic.in/ http://www.msbshse.ac.in/newsite/newhome.html http://www.mh-ssc.ac.in/ www.sscresult.mkcl.org www.exametc.com परीक्षा में अनुत्तीर्ण या कम अंक पाने वाले परीक्षार्थियों का सही मार्गदर्शन करने के लिए समुपदेशकों की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों को थोड़ी भी परेशानी होने पर वे सीधे समुपदेशक से संपर्क साध सकते हैं(दैनिक भास्कर,नागपुर,13.6.12)।

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छत्तीसगढ़ में भविष्य निधि पर 8.8 फीसदी ब्याज

प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि और अंशदायी भविष्य निधि पर चालू वित्तीय वर्ष में ब्याज दर 8.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.8 प्रतिशत करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इसी महीने यह निर्णय लिया गया था। 

वित्त विभाग ने राजस्व मंडल सहित सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को परिपत्र भेजकर कर्मचारी भविष्य निधियों और अंशदायी भविष्य निधियों में अभिदाताओं की कुल जमा राशियों पर 1 अप्रैल 2011 से 30 नवंबर 2011 तक के लिए 8 प्रतिशत, 1 दिसंबर 2011 से 31 मार्च 2012 तक के लिए 8.6 प्रतिशत और 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2013 तक के लिए 8.88 प्रतिशत वार्षिक ब्याज निर्धारित किया है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने भी इसी अवधि के लिए इसी तरह की दर जारी की है। राज्य सरकार ने केंद्र की दरों के अनुरूप ब्याज दर यथावत रखने का निर्णय लिया है(दैनिक भास्कर,रायपुर,13.6.12)।

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आरएएस-प्री :एक से अधिक आवेदन वालों की परीक्षा एक ही केंद्र पर

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा गुरुवार को ली जाने वाली आरएएस प्री परीक्षा के लिए एक से अधिक आवेदन पत्र भरने वाले अभ्यर्थियों की एक ही सेंटर पर परीक्षा ली जाएगी। आयोग ने यह कवायद परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी तथा नकल पर प्रभावी रोकथाम के लिए की है। 

आरएएस प्री के लिए प्रदेश के अनेक अभ्यर्थियों ने एक से अधिक आवेदन पत्र भरे हैं। आयोग ऐसे आवेदनों को निरस्त नहीं कर सकता। आयोग सूत्रों का कहना है कि संभव है कुछ अभ्यर्थियों ने फार्म रिजेक्ट न हो, इसके लिए एक से अधिक आवेदन पत्र भरे हों। 

कुछ अभ्यर्थी ऐसे भी हो सकते हैं, जिन्होंने परीक्षा केंद्र निकट का आ जाए, इसके लिए अलग-अलग आवेदन पत्र भरे हों। इन सारी संभावनाओं को देखते हुए आयोग ने इस बार ऐसे आवेदन पत्रों को अलग कराया, जिनके नाम की स्पेलिंग में एकाध लेटर का अंतर है। मसलन जिसका नाम फूलसिंह है। उसने आवेदन पत्र में नाम की स्पेलिंग एफ से शुरू की है या पी एच से भी नाम की स्पेलिंग लिखी हो। पिता जी के नाम में भी इसी प्रकार के अंतर हों या पते एक जैसे मैच कर रहे हों। ऐसे सभी आवेदनों की आयोग ने छंटनी करा ली है। 

ऐसे सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोग एक ही जगह लेगा। इसके पीछे आयोग की मंशा यही है कि मूल अभ्यर्थी के स्थान पर कोई फर्जी अभ्यर्थी तो परीक्षा में नहीं बैठा है। आयोग ने सभी वीक्षकों और केंद्राधीक्षकों को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। 'आरएएस प्री में इस बार आयोग ने नई पहल की है। इस परीक्षा में अनेक अभ्यर्थियों ने एक से अधिक आवेदन पत्र भरे हैं। इन सभी की पहचान कर एक ही सेंटर पर परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा में मूल परीक्षार्थी के स्थान पर कोई फर्जी अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे रहा है इसका पता लगाया जा सकेगा।' डॉ. के के पाठक, सचिव, राजस्थान लोक सेवा आयोग 

सभी जिलों में कंट्रोल रूम शुरू
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आरएएस प्री परीक्षा गुरुवार को ली जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। आयोग समेत प्रदेश के सभी जिलों में कंट्रोल रूम भी शुरू कर दिए गए हैं। 

आयोग सचिव डॉ. के के पाठक के मुताबिक आयोग में भी कंट्रोल रूम शुरू हो गया है। सभी जिला मुख्यालयों पर भी नियंत्रण कक्ष शुरू कर दिए गए हैं। बुधवार तक कंट्रोल रूम सुबह 9.30 बजे से शाम 6 बजे तक कार्यरत रहेंगे। 14 जून परीक्षा वाले दिन कंट्रोल रूम सुबह 7.30 बजे से शुरू हो कर परीक्षा समाप्ति तक कार्यरत रहेंगे। गुरुवार को पहला सत्र सुबह 9 बजे से 11 बजे तक होगा। सामान्य ज्ञान का पेपर इस सत्र में होगा। दूसरा पेपर दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक होगा। इसमें वैकल्पिक विषय से संबंधित पेपर होगा। 

जयपुर जिले में सर्वाधिक केंद्र व परीक्षार्थी, जैसलमेर में सबसे कम 
आयोग द्वारा ली जाने वाली आरएएस प्री परीक्षा में 3 लाख 87 हजार 887 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इसे देखते हुए आयोग ने अजमेर समेत प्रदेश में 1133 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। सबसे कम परीक्षा केंद्र जैसलमेर में मात्र 5 हैं। जबकि जयपुर में सर्वाधिक 310 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 

किस जिले में कितने केंद्र, कितने परीक्षार्थी 
जिला -परीक्षा केंद -परीक्षार्थी 
अजमेर 57 18700 
अलवर 78 25100 
बांसवाड़ा 19 7100 
बारां 8 3250 
बाड़मेर 14 4500 
भरतपुर 58 16450 
भीलवाड़ा 10 5300 
बीकानेर 41 10950 
बूंदी 13 3900 
चित्तौड़गढ 12 3500 
चूरू 19 6200 
दौसा 23 12550 
धौलपुर 14 4550 
डूंगरपुर 19 5550 
हनुमानगढ 23 8300 
जयपुर 310 115700 
जैसलमेर 5 1650 
जालौर 17 4250 
झालावाड 12 3600 
झुंझुनूं 48 15200 
जोधपुर 52 19700 
करौली 19 5950 
कोटा 51 15850 
नागौर 16 5850 
पाली 14 5400 
प्रतापगढ 6 1850 
राजसमंद 8 2200 
सवाईमाधोपुर 16 5250 
सीकर 55 17350 
सिरोही 17 3650 
श्रीगंगानगर 19 10300 
टोंक 18 5400 
उदयपुर 42 13750(आरिफ कुरैशी,दैनिक भास्कर,अजमेर,13.6.12)

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12 जून 2012

मध्यप्रदेशःस्टे लाने वाले कॉलेजों की बढ़ सकती है मुसीबत

उच्च शिक्षा विभाग की ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के खिलाफ हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ से स्टे लाने वाले 25 से ज्यादा कॉलेजों की मुश्किलें फिर बढ़ सकती है। पिछले डेढ़ सप्ताह के भीतर ही जबलपुर हाई कोर्ट, ग्वालियर खंडपीठ और अब इंदौर खंडपीठ ने भी ऐसे कॉलेजों को स्टे देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने शासन की ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया को जायज माना है। कोर्ट से स्टे लाने वाले कॉलेजों ने एडमिशन प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, पर कोर्ट के रुख के बाद अंतिम निर्णय क्या पर असमंजस गहरा गया है। इधर, कोर्ट से राहत मिलने के बाद शासन ने इंदौर खंडपीठ में चल रहे मामलों में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर ली है। 

छात्रों का क्या होगा? 
माहभर में भीतर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ऑनलाइन एडमिशन के मामले में फैसला सुना सकती है। स्टे लाने वाले कॉलेजों के लिए भी ऑनलाइन एडमिशन का निर्णय आया तो उन छात्रों को परेशानी आएगी, जिन्होंने इन कॉलेजों में एडमिशन लिया है। 

शासन का पक्ष सही माना 
जबलपुर हाई कोर्ट ने कई कॉलेजों को ऑनलाइन एडमिशन से छूट देने से इंकार करते हुए शासन की प्रक्रिया को सही माना है। इंदौर के जिन कॉलेजों को स्टे मिला है, उसकी सुनवाई चल रही है। उम्मीद है कि फैसला ऑनलाइन एडमिशन के पक्ष में ही आएगा।- डॉ. नरेंद्र धाकड़, अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा(दैनिक भास्कर,इंदौर,12.6.12)

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देवी अहिल्या विविः27 विभागों में पढ़ाई, परीक्षा, रिजल्ट..साथ-साथ

यूनिवर्सिटी के तक्षशिला परिसर के सभी 27 विभागों में अब पढ़ाई साथ-साथ शुरू होगी और परीक्षा भी। लगभग एक साथ ही परीक्षाएं खत्म होंगी और रिजल्ट भी साथ-साथ आएगा। इतना ही नहीं, रिसर्च के लिए समय नहीं निकाल पा रहे प्रोफेसर्स को इसके लिए एक साथ समय मिल पाएगा। यह सब कुछ संभव होगा यूनिवर्सिटी के उस प्लान से, जो सीईटी की काउंसिलिंग के तत्काल बाद लागू हो जाएगा। 

प्लान के मुताबिक सभी विभागों को एक ही दिन कक्षाएं शुरू करना होंगी। 90 दिन की पढ़ाई का सिस्टम भी सख्ती से लागू होगा। इसके बाद यूनिवर्सिटी परीक्षाओं के लिए निश्चित समय सीमा तय करेगी। हालांकि विभाग अपने हिसाब से टाइम-टेबल बनाएंगे, लेकिन उसे फाइनल यूनिवर्सिटी करेगी। एकेडमिक कैलेंडर तो यूटीडी में हर साल बनता था लेकिन ज्यादातर विभाग उसे नजरअंदाज कर देते थे। 

रिसर्च पर दे पाएंगे ध्यान
सेमेस्टर ब्रेक होने पर सभी प्रोफेसर्स को एक साथ रिसर्च के लिए भी समय मिल पाएगा। सिलेबस अपडेशन तथा नए सिलेबस के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक भी साथ होगी। यूनिवर्सिटी फैकल्टी के सेमिनार, वर्कशॉप आदि के लिए भी समय तय करेगी। 

नैक के सामने पेश किया जाएगा- यूनिवर्सिटी नैक के सामने भी इस स्थिति को आदर्श के तौर पर पेश करेगी। नैक की टीम अगले साल निरीक्षण के लिए आने वाली है। ऐसे में यूनिवर्सिटी इस स्थिति को बेहतर मैनेजमेंट लीडरशिप के गुण के तौर पर पेश करेगी। 

पहले यह होता था 
सीईटी से जुड़े छह विभागों में ही एक साथ पढ़ाई व परीक्षा हो पाती थी। अन्य विभाग अपने शेड्यूल के अनुसार अलग-अलग समय पर प्रवेश परीक्षाएं लेते थे। हर विभाग अलग-अलग समय पर मार्कशीट प्रिंटिंग के लिए भेजता था। इसलिए अलग-अलग रंग की मार्कशीट तैयार होती थी। विभागों में अलग-अलग समय पर प्रैक्टिकल होते थे। मूल्यांकन का सिस्टम भी हर विभाग का अलग-अलग था। 

और अब यह होगा 
सभी 27 विभागों में एक साथ पढ़ाई शुरू होगी। परीक्षा भी साथ होगी। अब सभी विभागों को यूनिवर्सिटी टाइम-टेबल के अनुसार परीक्षा लेना होगी। लगभग सारे रिजल्ट साथ आएंगे। मार्कशीट प्रिंटिंग के लिए एक साथ जाएगी और सभी मार्कशीट एक रंग व डिजाइन की होगी। सभी विभागों में प्रैक्टिकल साथ होंगे। मूल्यांकन व्यवस्था एक जैसी होगी। फैकल्टी इंटरनल मार्क्‍स देने में गड़बड़ करेंगी तो शिकायत पर सीधी कार्रवाई होगी।  

नई व्यवस्था की कर रहे हैं प्लानिंग 
इस बार चूंकि यूटीडी के सारे विभागों की प्रवेश परीक्षा साथ हो रही है। इसलिए हम इस बात को प्लान कर रहे हैं कि सारे विभागों में पढ़ाई, परीक्षा और रिजल्ट सब साथ-साथ तैयार हो, ताकि एक रंग व डिजाइन की मार्कशीट भी दे सकें। - डॉ. राजकमल, प्रभारी कुलपति(दैनिक भास्कर,इंदौर,12.6.12)

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बिहारःपीएमओ पहुंचा केन्द्रीय विवि का मामला

राजधानी पटना व मोतिहारी सेंट्रल यूनिवर्सिटी तथा वैशाली में डीम्ड यूनिवर्सिटी की स्थापना का मामला प्रधानमंत्री तक पहुंच गया है।

राजद के वरिष्ठ सांसद डा. रघुवंश प्रसाद सिंह ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि 12वीं पंचवर्षीय योजना के आकार लेने के समय ही इसका प्रावधान किया जाए। 11वीं पंचवर्षीय योजना में बिहार के हिस्से में एकमात्र केन्द्रीय विवि आया था। गया में सुरक्षा विभाग की जमीन पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। काफी समय से इसकी स्थापना मोतिहारी में किए जाने की मांग होती रही है। राजद सांसद का मानना है कि देश में 44 केन्द्र विवि हैं, जिसमें सिर्फ यूपी में 4 केन्द्रीय व 8 डीम्ड विवि है। इसके विरुद्ध बिहार में एक भी नहीं है। ऐसे में मोतिहारी में भी केन्द्रीय विवि की स्थापना होनी चाहिए। पत्र में पटना विवि को केन्द्रीय विवि का दर्जा दिए जाने की वकालत करते हुए कहा गया है कि उसी के समकक्ष इलाहाबाद को यह दर्जा दे दिया गया। यही नहीं मानव संसाधन मंत्रालय ने लोकसभा में यह गलत तथ्य प्रस्तुत किया कि इससे संबंधित प्रस्ताव उसे नहीं मिला। जबकि, कई बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं(दैनिक जागरण,मुजफ्फरपुर,12.6.12)।

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ओडिशाःहोमगार्ड कर्मियों का दैनिक भत्ता बढ़ा

आंदोलन कर रहे होमगार्ड कर्मियों को राहत मिल गई है। राज्य सरकार ने होमगार्ड कर्मियों का दैनिक भत्ता 150 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये करने का निर्णय लिया है। यह बढ़ा हुआ भत्ता1 जून से लागू होगा। सरकार के इस निर्णय के उपरान्त राज्य होमगार्ड संघ ने आदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी है। इससे राज्य के 17675 होमगार्ड को फायदा पहुंचेगा। गौरतलब है कि दैनिक भत्ता बढ़ाने सहित कई मांगों को लेकर पिछले कुछ दिनों से होमगार्ड आन्दोलन पर थे(दैनिक जागरण,भुवनेश्वर,12.6.12)।

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यूपीःपुलिसकर्मियों की भत्ता दरें बढ़ी

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधान सभा सदस्य जगन प्रसाद गर्ग के प्रश्नोत्तर में कहा है कि विशिष्ट महानुभावों की सुरक्षा में लगे शैडो-गनर की यात्रा भत्ता में प्रदेश के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों (पुलिसकर्मियों) के दैनिक भत्ता की दरों में सरकार ने वृद्धि की है। 

उप्र के 537 थाने कंप्यूटरीकरण से वंचित 
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कांग्रेस सदस्य अखिलेश प्रताप सिंह द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में लिखित उत्तर में कहा कि प्रदेश के 537 थानों को अभी तक कंप्यूटरीकृत नहीं किया गया है। 2013 तक इन थानों की क्राम एंड क्रिमनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम के तहत क प्यूटरीकरण किए जाने का लक्ष्य हैश(विजय उपाध्याय,दैनिक भास्कर,लखनऊ,12.6.12)।

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जेएनयू पर एससी-एसटी से भेदभाव का आरोप

डीयू प्रशासन पर एडमिशन के दौरान अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी के छात्रों के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप लगा है। 

इसकी शिकायत करते हुए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर गंगा सहाय मीणा ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को पत्र लिखा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि एडमिशन के लिए एससी/एसटी छात्रों को ऑनलाइन प्रक्रिया से दूर रखा जा रहा है। 

यही नहीं सामान्य व ओबीसी श्रेणी के छात्रों के लिए डीयू में दस केंद्र और बारह पोस्ट ऑफिसों पर फॉर्म खरीदने और जमा करने की व्यवस्था है, जबकि एससी/एसटी छात्रों के लिए कुल मिलाकर चार केंद्र ही बनाए गए हैं। 

यही नहीं अन्य छात्रों को शाम चार बजे तक फॉर्म मिल रहे हैं, जबकि एससी/एसटी छात्रों को दोपहर दो बजे तक ही। उन्हें फॉर्म के साथ अन्य दस्तावेज भी सामान्य श्रेणी की तुलना में कहीं ज्यादा उपलब्ध कराने पड़ रहे हैं(दैनिक भास्कर,दिल्ली,10.6.12)।

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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालयःनेट में शामिल होंगे 7840 अभ्यर्थी

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय केंद्र ने 24 जून को होने वाली विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की नेट-जेआरएफ परीक्षा के लिए सभी तैयारिया पूरी कर ली है। इस परीक्षा में 44 विषयों के कुल 7840 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इस बार अभ्यर्थियों की संख्या देते हुए विवि के अलावा सेंट एंड्रयूज कालेज एवं दिग्विजयनाथ पीजी कालेज में केंद्र बनाए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष जून में होने वाली यूजीसी नेट - जेआरएफ परीक्षा में विश्वविद्यालय केंद्र पर कुल 44 विषयों की परीक्षाएं होनी है जिसमें 7840 अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण कराया है। इस परीक्षा को संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय में 6, सेंट ऐंड्रयूज कालेज में 2 तथा दिग्विजयनाथ पीजी कालेज में 1 केंद्र बनाए गये हैं। परीक्षा सुबह 9.30 बजे से शुरू होगी। बता दें कि इस केंद्र पर इतिहास विषय में सर्वाधिक 1170 तथा हिंदी में 1083 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। मालूम हो कि दीक्षा भवन में बने केंद्र पर इतिहास में 1100, हिंदी में 1083 तथा आर्चलाजी में 16 होम सांइस विभाग केंद्र पर दर्शनशास्त्र में 71, इतिहास में 70 और विजुअल आर्ट में 141, विधि संकाय केंद्र पर राजनीतिशास्त्र एवं शिक्षाशास्त्र में क्रमश: 250- 250 तथा मजीठिया व पंत भवन केंद्र पर उक्त विषयों में इतने ही अभ्यर्थी शामिल है। कला संकाय केंद्र पर राजनीतिशास्त्र में 128, समाजशास्त्र में 392, शिक्षाशास्त्र में 315, संगीत में 28, उर्दू में 162, अंग्रेजी में 148, भूगोल में 575, सोशल मेडिसिन एंड कम्यूनिटी हेल्थ में 8, पाली में 2 और टूरिज्म एडमिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट में 04, वाणिज्य संकाय केंद्र पर कामर्स में 299, मैनेजमेंट 294 तथा भारतीय कल्चर में 4 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सेंट ऐंड्रयूज कालेज के ला फैकेल्टी भवन केंद्र पर मनोविज्ञान में 176, पापुलेशन स्टडीज में 17, लैब वेल्फ- एचआरएम 60, लिब एडं इंफो साइंस में 56 में, मास क्यूनिकेशन में 48, वूमन स्टडीज 1, कंप्यूटर साइंस में 140, इंटरनेशनल एंड ऐरा स्टडी में 1 तथा प्राकृति में एक अभ्यर्भी परीक्षा देंगे। जब उक्त कालेज के कला एवं विज्ञान भवन केंद्र पर सोसल वर्क में 22, होम साइंस में 488, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में 15, मैथिली में 1, संस्कृत में 382, पर्यावरण विज्ञान में 92, डीवीएनडीसी केंद्र पर अर्थशास्त्र में 192, रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन में 59, अरेबिक व लिंगुस्टीक में 3-3, प्रौढ़ सतत एवं प्रसार शिक्षा में 7, शारीरिक शिक्षा में 49, विधि में 111, बुद्धिस्ट, जैन, गांधी और पीस स्टडीज में 3, संस्कृत टेडिशनल सब्जेक्ट में 25, फोरेसिंक साइंस में 3 तथा इलेक्ट्रानिक साइंस में 45 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। बता दें कि इस बार परीक्षार्थियों को तीनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा बहुविकल्पीय आधार पर देना होगा(दैनिक जागरण,गोरखपुर,12.6.12)।

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हरियाणाःअग्रोहा में बच्चों पर छाया हॉबी कोर्स का जादू

नाना-नानी या दादा-दादी के यहा गर्मी की छुट्टिया बिताना अब बीते जमाने की बात हो चली है। बच्चे अब इन छुट्टियों में अपना मन पसंद कोर्स ज्वाइन कर अपनी योग्यता को ओर अधिक निखारने में जुटे है। ज्यादातर अभिभावक भी यही चाहते है कि उनका बच्चा छुट्टियों में अपनी हॉबी के मुताबिक कोई कोर्स ज्वाइन करे। 

आजकल हॉबी कोर्स का जादू स्कूली बच्चों के सिर चढ़ कर बोल रहा है। कोई बच्चा डास, तो कोई संगीत की क्लास अटेड कर रहा है। कहीं पर्सनैलिटी इंप्रूवमेंट कोर्स चल रहे है, तो कहीं इग्लिश स्पीकिंग कोर्स। हॉबी आर्ट सेंटर में क्ले-माडलिंग, फ्लावर मेकिंग, इटीरियर डेकोरेशन, पॉट डेकोरेशन पेंटिंग और पोस्टर मेकिंग के कोर्स में कई बच्चे प्रशिक्षण ले रहे है। किसी संस्थान में कोई संगीत पर थिरक रहा है, तो कोई व्यंजन बनाना सीखने में जुटा हुआ है। कहीं तरुणिया चित्रों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को मूर्त रूप देने में लगी है, वहीं हालनुमा बड़े कमरे में नन्हे-मुन्ने स्केटिग के जरिये जीवन को रफ्तार देने में मशगूल है। आलम यह है कि शहर के हर तीसरे बच्चे ने हॉबी क्लास ज्वाइन कर रखी है।

कई साल पहले चुनिंदा संस्थानों में ही हॉबी कोर्स चलते थे। अब बच्चों की रुचि व अभिभावकों के रुझान को देखते हुए स्कूल वाले भी पीछे नहीं रहना चाहते। यही वजह है कि आजकल शहर में काफी संख्या में हॉबी कोर्स चल रहे है। संस्थान हॉबी कोर्स का एक माह का पैकेज एक हजार से 2000 रुपये में मुहैया करा रहे है। वहीं स्कूलों में ये कोर्स 500 से 1500 के बीच उपलब्ध है। हॉबी कोर्स ज्वाइन करने वालों में तीन चार साल से लेकर 15-18 साल के किशोर- किशोरी शामिल है। कंप्यूटर सेंटरों के अलावा विभिन्न संस्थानों में बच्चे विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण ले रहे है। आजकल छुट्टियों से स्कूलों में वीरानी सी छाई है, वहीं सेंटरों में रौनक बनी हुई है। व्यक्तित्व में आएगा निखार अभिभावक शशी, अंजू शर्मा, चंद्रकाता, राजीव नंगथला का मानना है कि हॉबी कोर्स शुरू होने से बच्चों के व्यक्तित्व में निखार आएगा। उनका मानना है कि गर्मी की छुट्टियों में इधर-उधर घूमकर व्यर्थ गंवाने से बेहतर है कि समय की महता को समझते हुए, इन दिनों में कुछ हट कर किया जाए(दैनिक जागरण,अग्रोहा,12.6.12)।

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आरएएस प्रीःजयपुर का एक परीक्षा केंद्र निरस्त

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा 2012(आरएएस प्री) के लिए जयपुर में बनाया गया एक परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर नया परीक्षा केंद्र बनाया गया है। 

आयोग सचिव डॉ. के के पाठक के मुताबिक गुरुवार को होने वाली आरएएस प्री राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर के माध्यम से कराई जा रही है। परीक्षा के जयपुर में पूर्व में निर्धारित परीक्षा केंद्र सेंट एंड्रयूज पब्लिक सीनियर सेकंडरी स्कूल, त्रिवेणी नगर को निरस्त कर दिया गया है। 

इसके स्थान पर अब तिलक पब्लिक स्कूल विंग 2, त्रिवेणी नगर को नया परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र पर रोल नंबर 707751 से 708250 तक के अभ्यर्थी नए परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देंगे(दैनिक भास्कर,अजमेर,12.6.12)।

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बिहार इंटर परीक्षा का परिणाम घोषित

पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष राजमणि प्रसाद सिंह ने सोमवार को इंटरमीडिएट कला, वाणिज्य और व्यावसायिक शिक्षा का परीक्षाफल घोषित किया। एक बार फिर इंटरमीडिएट कला और वाणिज्य के टॉप टेन की सूची में छात्राओं का दबदबा कायम रहा। 

राजमणि प्रसाद सिंह ने बताया कि कला संकाय में 'टॉप 10' में 19 परीक्षार्थियों को जगह मिली है। जिनमें 16 छात्राएं हैं। जबकि वाणिज्य संकाय में टॉप 10 में 15 परीक्षार्थियों में 8 छात्राएं हैं। उन्होंने बताया कि कला परीक्षाफल के टॉप टेन में वैशाली के 13 परीक्षार्थी और वाणिज्य के टॉप टेन में गया के 11 परीक्षार्थी शामिल हैं। 

ये रहे कला के टॉप टेन 

रैंक- नाम- प्राप्तांक- जिला 
1 प्रशांत सिन्हा 82.8 गया 
2 रणवीर सहाय 82.2 गया 
3 मौसमी कुमारी 80.6 गया 3 श्वेता कुमारी 80.6 गया 
4 सोनाली 80.4 पटना 
5 नमिता कुमारी 79.6 गया 
6 श्वेता कुमारी 79.4 पटना 6 रितेश कुमार रिक्की 79.4 गया 
7 दीपा कुमारी 79 पटना 8 कुमार सौरभ 78.8 गया 
8 विवेक कुमार गुप्ता 78.8 गया 9 किशन कुमार 78.6 गया 
9 विनिता 78.6 औरंगाबाद 10 खुशबू कुमारी 78.4 गया 
10 राजू सिंह 78.4 गया(दैनिक भास्कर,पटना,12.6.12)। 


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आईपीयूःअवैध ढंग से दाखिला लेते दो धरे

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (आईपी) में जारी दाखिला प्रक्रिया के तहत दो ऐसे मुन्ना भाइयों को पकड़ा गया है, जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया को दरकिनार कर दाखिला पाने की कोशिश की। 

विश्वविद्यालय की ओर से पहली बार लागू तीन स्तरीय दाखिला प्रक्रिया के तहत ये शातिर छात्र पहले दो चरणों में झांसा देकर निकल गए, लेकिन तीसरे व अंतिम चरण में एकेडमिक ब्रांच ने इन्हें दबोच लिया। ज्वाइंट रजिस्ट्रार एकेडमिक कर्नल प्रदीप उपमन्यु ने बताया कि दोनों आरोपी छात्रों की दाखिला प्रक्रिया रद्द कर दी गई और मामले की जांच की जा रही है। 

दाखिले में गड़बड़झाला का यह मामला शनिवार 9 जून को सामने आया। दरअसल, मास्टर इन मास कम्युनिकेशन प्रोग्राम्स में दाखिले के लिए पहले काउंसलिंग प्रक्रिया में दिल्ली के 1 से 115 रैंक तक के अभ्यर्थियों और दिल्ली के बाहर के 1 से 25 रैंक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। 

दिल्ली से बाहर के छात्रों की सूची में 67 व 87 रैंक पर रहे इन शातिर छात्रों ने बिना किसी बुलावे के ही विश्वविद्यालय का रुख किया और दाखिला प्रक्रिया के पहले दो चरण, दस्तावेजों की जांच और संस्थान के अलाटमेंट से निकल गए। इसके बाद तीसरे चरण में जब फीस का ड्राफ्ट जमा कर एकेडमिक ब्रांच के पास जांच के लिए पहुंचे तो दोनों को पकड़ लिया गया। 

ज्वाइंट रजिस्ट्रार एकेडमिक कर्नल प्रदीप उपमन्यु ने बताया कि दोनों ही छात्रों ने अवैध ढंग से दाखिला पाने का प्रयास किया, जिसकी वजह से इनकी प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। इन्हें सूचित कर दिया गया है कि वह अपने ड्राफ्ट वापस ले जाएं। हालांकि इस समूचे प्रकरण में जिस तरह से एडमिशन ऑफिसर की लापरवाही उजागर हुई है विश्वविद्यालय में उनकी भूमिका को भी संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय स्तर पर इस घटना की जांच शुरू कर दी गई हैं(दैनिक भास्कर,दिल्ली,11.6.12)।

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09 जून 2012

यूपी में बीएड काउंसिलिंगःपरीक्षा से कठिन प्रवेश प्रक्रिया

सुल्तानपुर के आकाश सिंह ने बीएड प्रवेश परीक्षा में 973वीं रैंक प्राप्त की है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे वह आ‌र्ट्स कालेज स्थित काउंसिलिंग सेंटर पहुंच गए। दो घंटे इंतजार के बाद उन्हें टोकन मिल सका। सर्वर कनेक्टिविटी न मिलने के कारण आकाश दोपहर करीब तीन बजे सीट लॉक कर सके। सिर्फ आकाश ही नहीं उनके जैसे करीब दो हजार विद्यार्थी को काउंसिलिंग के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। घोर अव्यवस्थाओं का खामियाजा दूर दराज से आए अभ्यर्थियों को ही भुगतना पड़ा। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विवि, फैजाबाद द्वारा आयोजित संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2012 की ऑन लाइन काउंसलिंग शुक्रवार से प्रदेश के 27 केंद्रों पर शुरू हुई। राजधानी के आ‌र्ट्स कालेज में काउंसिलिंग के तीन केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन पहली से दस हजार रैंक तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। यूं तो काउंसिलिंग शुरू होने का समय सुबह नौ बजे से था, लेकिन विवि प्रशासन ने सभी को सात बजे ही बुला लिया था। खुद अधिकारी आठ बजे के बाद काउंसिलिंग स्थल पर पहुंचे थे। टोकन बांटने में भी अव्यवस्थाएं हावी रहीं। सर्वर कनेक्टिीविटी न मिलने की समस्या हर बार की तरह इस बार भी रही। काउंसिलिंग से जुड़े अधिकारी भी साढ़े ग्यारह बजे तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। करीब बारह बजे शुरू हो सकी काउंसिलिंग में भी बार-बार सर्वर डिसकनेक्ट हो जा रहा था। अभ्यर्थियों के दस्तावेज जांचने और कंप्यूटर कक्ष में सीट लॉक करने में हर अभ्यर्थी को एक घंटे तक का समय लग रहा था। लखीमपुर खीरी से काउंसलिंग के लिए आए सुमित श्रीवास्तव, इलाहाबाद के अजय कुमार व संडीला से आए दिनेश समेत कई अभ्यर्थियों का कहना था कि बीएड प्रवेश परीक्षा से कठिन काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया रहती है। अव्यवस्थाओं के बीच घंटों इंतजार के बाद कहीं नंबर आ पाता है। लखनऊ विवि के प्राक्टर डॉ. पवन अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को करीब 1750 अभ्यर्थियों को टोकन दिए गए हैं। वहीं देर रात तक अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। काउंसिलिंग सेंटर लखनऊ, बुलावा गोरखपुर का : इलाहाबाद के कौशल सिंह की सामान्य रैंक 7373 है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्र्वविद्यालय से उन्हें जो बुलावा पत्र भेजा गया, उसमें काउंसिलिंग सेंटर गोरखपुर दर्ज था। शुक्रवार सुबह जब वह गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कालेज पहुंचे तो पता चला कि उनका काउंसिलिंग सेंटर लखनऊ का आ‌र्ट्स कालेज है। दौड़ते-भागते वह किसी तरह दोपहर बाद यहां पहंुच सके। कुछ ऐसा ही हुआ सुलतानपुर के अनिलेश कुमार पांडेय के साथ। काउंसिलिंग लेटर में उनका सेंटर कानपुर दर्ज था लेकिन वहां जाकर पता चला कि उनकी काउंसिलिंग लखनऊ में होगी(दैनिक जागरण,लखनऊ,9.6.12)

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हरियाणाःनिजी तकनीकी संस्थानों में दाखिले के लिए एक्ट पर निर्णय शुक्रवार को

हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग निजी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में दाखिला और फीस निर्धारण के लिए हरियाणा निजी तकनीकी शिक्षण संस्थान (दाखिला एवं फीस निर्धारण विनियमन) अधिनियम, 2012 बनायेगा। यह निर्णय शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में यहां हरियाणा निजी व्यवसायिक तकनीकी शिक्षण संस्थान (दाखिला एवं फीस निर्धारण विनियमन) के संबंध में आयोजित बैठक में लिया गया।

बैठक में तय हुआ कि राज्य सरकार तकनीकी पाठ्यक्रम उपलब्ध करवा रहे सभी विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलीटेक्नीक और अन्य तकनीकी शिक्षा संस्थानों चाहे वह सरकारी अथवा निजी क्षेत्र के हो, में दाखिला एवं फीस के विनियमन के लिए एक कमेटी गठित करेगी। कमेटी के पास सिफारिशों के उल्लंघन के मामले में कम से कम 5 लाख रुपये एवं 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाने की शक्तियां होंगी। 

बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. केके खण्डेलवाल व शिव रमन गौड़, उप प्रधान सचिव आरएस दून, तकनीकी शिक्षा विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव धनपत सिंह, वित्त विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव संजीव कौशल तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक राम पाल केशवर भी उपस्थित थे(दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,9.6.12)।

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हिमाचलःअपने घरों में टॉयलेट न बनाने वाले 1093 कर्मचारियों को चार्जशीट

सरकारी फरमान के बावजूद अपने घरों में टॉयलेट न बनाने वाले मंडी के 1093 सरकारी कर्मचारियों पर जिला प्रशासन की गाज गिरी है। डीसी मंडी देवेश कुमार ने जिला के 31 विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को चार्जशीट किया है। डीसी मंडी ने सभी विभागों के अध्यक्षों को आदेश दिए हैं कि उक्त कर्मचारियों के खिलाफ एक माह के अंदर कार्रवाई की जाए। 

डीसी मंडी ने यह कार्रवाई साक्षरता एवं जन समिति मंडी के सर्वे की रिपोर्ट के बाद की है। सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक मंडी जिला के 1093 सरकारी कर्मचारियों के यहां टॉयलेट नहीं हैं। मंडी में स्वच्छता अभियान की शुरुआत 2005 में हुई थी। सरकार की ओर से यह दावा किया गया है कि मंडी जिला संपूर्ण स्वच्छ है। 142 पंचायतों को निर्मल पुरस्कार के लिए चिह्न्ति किया गया है। इसी बीच साक्षरता एवं जन समिति मंडी के सर्वे ने सरकार और जिला प्रशासन के उन तमाम दावों की पोल खोल दी है(विनोद भावुक,दैनिक भास्कर,मंडी,9.6.12)।

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उप्र मदरसा बोर्ड की परीक्षा आज से

प्रदेश मदरसा बोर्ड की परीक्षा शनिवार से शुरू हो रही है। 2 लाख 22 हजार 498 छात्र व छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। प्रदेश में 403 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 15 जून को आखिरी पेपर होगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एचपी अंबेडकर के मुताबिक लखनऊ में 14 परीक्षा केंद्र हैं, जिसमें सात हजार पांच सौ छात्र परीक्षा देंगे। परीक्षा संबंधी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मदरसा शिक्षा परिषद की अरबी, फारसी परीक्षाएं इस वर्ष पहली बार नए पाठ्यक्रम से होंगी। मुंशी, मौलवी, आलिम और फाजिल की परीक्षाएं शनिवार से होनी है। मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार जावेद असलम के मुताबिक सभी केंद्रों पर परीक्षा के दौरान सख्त निगरानी रखी जाएगी(दैनिक जागरण,लखनऊ,9.6.12)।

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