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03 अगस्त 2010

मध्यप्रदेशःविवि की मार्कशीट भी होंगी जन्मतिथि का प्रमाण

अपनी जन्मतिथि प्रमाणित करने के लिए छात्र-छात्राओं को अब हर जगह दसवीं या बारहवीं की मार्कशीट लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट केवल कालेज में प्रवेश के काम आएगी। इसके बाद हर जगह विश्वविद्यालयों की मार्कशीट ही जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर काम आ जाएगी। राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर की अध्यक्षता में सोमवार को हुई समन्वय समिति ने भी विश्वविद्यालयों की मार्कशीट के नए स्वरूप को मंजूरी दे दी। अब प्रदेश के सभी विवि की मार्कशीट में परीक्षार्थियों के नाम के साथ उनकी फोटो व जन्मतिथि भी प्रिंट की जाएगी। अभी तक केवल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा अपनी मार्कशीट में परीक्षार्थियों की फोटो छापी जा रही थी। मगर अगली कक्षाओं में प्रवेश, रोजगार कार्यालय में पंजीयन से लेकर नौकरी तक के आवेदन में जन्मतिथि के सत्यापन के लिए छात्र-छात्राओं को अपनी दसवीं की मार्कशीट लगाना पड़ती थी। जन्मतिथि और फोटो होने से विश्वविद्यालयों की मार्कशीट का महत्व सरकारी कामकाज में भी बढ़ जाएगा। इसी को देखते हुए समन्वय समिति ने मार्कशीटों में बदलाव को मंजूरी दे दी। प्रवेश तिथि बढ़ी, फीस वृद्धि टली : परीक्षा शुल्क सहित अपने सभी दस्तावेजों की फीस बढ़ाने में जुटे विवि के प्रयासों को समन्वय समिति ने विराम दे दिया है। समिति ने विश्वविद्यालयों द्वारा दिए गए प्रस्ताव को वित्त विभाग के पास परीक्षण के लिए भेज दिया है। वित्त विभाग की राय अगली बैठक में रखी जाएगी। इसके बाद ही शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव पर फैसला होगा। इसे देखते हुए छात्र-छात्राओं को फिलहाल तो राहत मिल गई है। अब अगले सत्र से ही फीस में वृद्धि हो सकेगी। इसी तरह प्रवेश के मामले में भी समन्वय समिति ने छात्रों को राहत दी है। अब सभी कालेजों में 16 अगस्त तक प्रवेश हो सकेंगे। फिलहाल प्रवेश की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। जबकि बारहवीं की सप्लीमेंट्री सहित विवि के ही कई रिजल्ट अभी तक नहीं आए थे। इसे देखते हुए समन्वय समिति ने प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 16 अगस्त कर दी है(दैनिक जागरण,भोपाल,3.8.2010)।

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