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29 सितंबर 2010

जामिया मिलियाःनहीं पहुंचे कक्षा में तो अभिभावक देंगे जवाब

जामिया मिलिया इस्लामिया में पढ़ने वाले छात्रों को कक्षाओं से नदारद रहना अब महंगा पड़ सकता है। विवि प्रशासन की ओर से तैयार नई व्यवस्था के तहत कक्षाओं से गैर हाजिर रहने वाले छात्रों पर अंकुश लगाने के लिए अब छात्रों की बजाए अभिभावकों से जवाब-तलब करने का फैसला किया है। प्रशासन के इस अभियान के तहत अभिभावकों को हाजिरी कम होने की सूरत में लिखित स्पष्टीकरण देना होगा।

विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार प्रो.एसएम साजिद के मुताबिक हाजिरी को लेकर छात्रों के लिए लागू नई गाइडलाइंस का निर्धारण डीन कमेटी ने किया है। इन गाइडलाइंस के तहत साफ किया गया है कि हाजिरी को लेकर बीते वर्षो की तरह विभाग अपनी तरफ से कार्रवाई अंजाम देते रहेंगे। इसके पश्चात विभागों को नई जिम्मेदारी के तहत कहा गया है कि वह हाजिरी का ब्यौरा सेमेस्टर/टर्म के आधार पर विभागीय नोटिस बोर्ड पर छात्रों की जानकारी के लिए उपलब्ध कराएं।

विश्वविद्यालय की ओर से लागू नई व्यवस्था का सबसे अहम पहलू है निर्धारित हाजिरी पूरी न होने की सूरत में छात्र के बजाए समय रहते उनके अभिभावकों को सूचित करना है। नई गाइडलाइंस के तहत छुट्टियों की जानकारी देने के साथ-साथ अभिभावकों से उसकी वजह लिखित तौर पर लेने की अनिवार्यता लागू की गई है।

विभागों को कहा गया है कि जब अभिभावक इस कार्रवाई के लिए कैम्पस पहुंचे तो उन्हें कम हाजिरी के चलते खड़ी होने वाली समस्याओं से अवगत करा दिया जाएगा। हालांकि इस सारी व्यवस्था में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वयंसेवक के तौर पर काम कर रहे छात्रों को कुछ राहत दी गई है।

विवि के एक आलाधिकारी ने बताया कि अभिभावकों को बुलाने के पीछे का कारण है बच्चों द्वारा लगातार उन्हें गुमराह करने की घटनाओं का प्रकाश में आना। उन्होंने बताया कि बाहरी राज्यों से आएं छात्र-छात्राएं ही नहीं स्थानीय छात्र भी भारी संख्या में कम हाजिरी की समस्या खड़ी करते हैं और जब इनकों परीक्षा देने से रोका जाता है तो अभिभावकों को पता चलता है कि उनका बच्च कक्षा में जाता ही नहीं था और वह फिर राहत की मांग करते हैं(शैलेन्द्र सिंह,दैनिक भास्कर,दिल्ली,29.9.2010)।

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