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29 सितंबर 2010

पटना विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों को नैक की मान्यता नहीं

पटना विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों को नैक (नेशनल असेसमेंट एक्रे डिएशन काउंसिल) की मान्यता प्राप्त नहीं है। मान्यता हासिल नहीं होने से कॉलेजों को ही ज्यादा नुकसान है । नैक से मान्यता मिलने के बाद कई तरह के विकास की राशि मिलती है । नैक की मान्यता प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय के कई कॉलेज प्रयास भी नहीं कर रहे हैं। इसकी मान्यता पाने के लिए कॉलेजों को नैक की टीम को आवेदन देकर आमंत्रित करना पड़ता है। इसके बाद टीम कॉलेज का निरीक्षण करके उसके इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुसार ग्रेड देती है। पटना विश्वविद्यालय के मात्र तीन कॉलेजों को ही नैक की मान्यता है। नैक की मान्यता मिलते ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से कई मदों में विकास की राशि दी जाती है । जिस कॉलेज को नैक से मान्यता प्राप्त होती है वह कॉलेज सेन्टर
ऑफ पोटेन्शियल एक्सिलेंस (सीपीई ) की मान्यता के लिए विश्वविद्यालय में आवेदन दे सकता है । कॉलेजों को सीपीई की मान्यता प्राप्त होने के बाद विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से करोड़ों रुपया कॉलेज के वि
कास के लिए फंड दिया जाता है । सीपीई की मान्यता के लिए कई कॉलेजों ने आवेदन जमा करा दिया है ।

"मान्यता पाने के लिए कोई प्रयास नहीं नैक की मान्यता नहीं रहने से कई मदों में नहीं मिलती है विकास की राशि नैक से ए ग्रेड की मान्यता प्राप्त क रने के लिए कॉलेज के इन्फ्रास्ट्र क्चर को बेह तर बनाने का प्रयास कि या
जा रहा है । अभी कॉलेज को बी ++ का ग्रेड प्राप्त है । इस साल से छात्रों को क ई सुविधाएं दी जा रही हैं"- डॉ. डॉली सिन्हा (प्राचार्य, मगध महिला कॉलेज)(हिंदुस्तान,पटना,29.9.2010)

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