स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। खाली समय में विद्यार्थियों को टीवी या सीडी प्लेयर पर कार्यक्रम देखने को मिलेंगे या फिर वे ज्ञानवर्धक व पढ़ाई से संबंधित चैनल देख पाएंगे। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की कम होती संख्या को लेकर बकायदा इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। हर जिला के ब्लॉक से एक-एक मॉडल स्कूल का चयन किया जा रहा है। मॉडल स्कूलों के चयन में शिक्षा विभाग पूरी सावधानी बरत रहा है। सर्वसुविधा संपन्न स्कूल ही विभाग की पहली पसंद होंगे। शिक्षा विभाग ने हमीरपुर ब्लॉक में राजकीय प्राथमिक पाठशाला डुग्घा को मॉडल स्कूल घोषित किया है। यहां पर विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बढि़या अध्यापक, बैठने के लिए डेस्क, पीने के लिए पानी, शौचालय व लाइब्रेरी इत्यादि सुविधाएं मुहैया की गई हैं। मॉडल स्कूल के चयन में सबसे महत्वपूर्ण इस बात का ध्यान रखा जाता है कि स्कूल की चारदीवारी हो और विद्यार्थियों की संख्या कुछ सालों से 25 से ऊपर हो। मॉडल स्कूलों में पढ़ाई व अन्य सुविधाओं पर भी पूरा निरीक्षण रखने के लिए संबंधित बीआरसी भी समय समय पर दौरा करेंगे और बीच-बीच में करीब एक घंटे तक विद्यार्थियों को पढ़ाने भी जाया करेंगे, ताकि उनकी फीडबैक भी पता चलती रहे। बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए मॉडल स्कूलों में टीवी व सीडी प्लेयर के माध्यम से बच्चों को ज्ञान दर्शन, शिक्षा से संबंधित चैनल व कार्यक्रम भी दिखाए जाएंगे। मॉडल स्कूलों को स्थापित करने का उद्देश्य शिक्षा विभाग द्वारा गत कुछ समय से प्राथमिक स्कूलों में कम हो रही विद्यार्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी लाना है। हमीरपुर जिला के छह ब्लॉकों में ऐसे ही मॉडल स्कूलों का चयन किया जाना है। मॉडल स्कूलों की चयन प्रक्रिया जारी : राजेश सर्वशिक्षा अभियान के हमीरपुर खंड के बीआरसी राजेश पठानिया ने बताया कि जिला में मॉडल स्कूलों का चयन किया जा रहा है। हमीरपुर ब्लॉक से राजकीय प्राथमिक पाठशाला को मॉडल स्कूल घोषित किया गया है।
प्रेरणास्रोत बनेंगे मॉडल स्कूल :
भूषण प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक भूषण मल्होत्रा का कहना है कि माडल स्कूलों का चयन होना अच्छी प्रक्रिया है। ये मॉडल स्कूल दूसरे स्कूलों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। इससे सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होगी(जसवीर कुमार,दैनिक जागरण,हमीरपुर,11.10.2010)।
प्रेरणास्रोत बनेंगे मॉडल स्कूल :
भूषण प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक भूषण मल्होत्रा का कहना है कि माडल स्कूलों का चयन होना अच्छी प्रक्रिया है। ये मॉडल स्कूल दूसरे स्कूलों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। इससे सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होगी(जसवीर कुमार,दैनिक जागरण,हमीरपुर,11.10.2010)।
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