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04 अक्टूबर 2010

राजस्थानःसमिति जांचेगी, स्कूल में एक बच्चे पर कितना खर्च?

राजस्थान सरकार एक बच्चे को शिक्षा देने पर कितनी राशि खर्च कर रही है, इसका आकलन करने के लिए प्रमुख शासन सचिव (स्कूल एवं संस्कृत शिक्षा) की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। कानून के क्रियान्वयन के लिए सरकार की ओर से शनिवार को जारी नियमों में समिति के गठन का प्रावधान किया गया है, जो हर साल दिसंबर में बैठक कर प्रति विद्यार्थी खर्च का आकलन करेगी।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क प्रवेश पाने वाले बच्चों की फीस की राशि का पुनर्भरण किया जाएगा। सरकार प्राइवेट स्कूलों को निशुल्क पढ़ने वाले बच्चों की फीस का अगस्त और जनवरी में दो किस्तों में पुनर्भरण करेगी। दूसरी किस्त बच्चों की प्रतिमाह 80 प्रतिशत उपस्थिति के सत्यापन के बाद ही मिल सकेगी। प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने नए प्रावधानों के बारे में 25 अक्टूबर तक आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

समिति सदस्य
प्रमुख शासन सचिव (स्कूल एवं संस्कृत शिक्षा) समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि प्रमुख शासन सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता), प्रमुख शासन सचिव (ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज), सचिव (जनजाति क्षेत्र विकास), सचिव (वित्त विभाग), निदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) और आयुक्त (सर्व शिक्षा अभियान)(दैनिक भास्कर,जयपुर,4.10.2010)।

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