हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के निर्धारित मापदंडों को पूरा न करने वाले प्रदेश के विभिन्न निजी प्रोफेशनल कॉलेजों पर जल्द गाज गिरेगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ईसी (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) की शनिवार को हुई मासिक बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत यूनिवर्सिटी द्वारा सात प्रोफेशनल कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनकी मान्यता पर भी तलवार लटक सकती है। एचपीयू प्रशासन के अनुसार जिन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों को परेशानियां आ रही है, उन कॉलेजांे को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा आधारभूत ढांचे की कमी वाले कॉलेजों को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ईसी की बैठक में पूर्व सांसद कृपाल परमार ने मामला उठाया था कि एचपीयू से मान्यता प्राप्त कुछ प्रोफेशनल कॉलेजों में भारी भरकम फीस के बाद भी उचित सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जा रहीं। वीसी ने कमेटी गठित कर कॉलेजों का औचक निरीक्षण करवाया था। कमेटी से रिपोर्ट लेने के बाद एचपीयू प्रशासन यह कार्रवाई करने जा रहा है। रिपोर्ट में प्रदेश के सात ऐसे कॉलेजों का ब्यौरा दिया गया है जो यूनिवर्सिटी की ओर से तय मापदंडों को पूरा नहीं कर रहे हैं।
वीसी प्रो. एसके गुप्ता ने कहा, इन कॉलेजों को सभी मूलभूत सुविधाएं देने के लिए समय भी दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी ये कॉलेज मापदंडों पर खरा नहीं उतर रहे हैं। इसके बाद इन कॉलेजों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि यह कॉलेज मापदंडों को पूरा नहीं करेंगे तो इनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
246 कॉलेजों ने ली एचपीयू से मान्यता
प्रदेश में इस समय 246 कॉलेज एचपी यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त हैं। इनमें से 110 कॉलेज अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इसके अलावा 74 बीएड कॉलेज, 27 इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेज, 13 फार्मेसी कॉलेज, 6 लॉ कॉलेज, 5 डेंटल कॉलेज, दो मेडिकल कॉलेज, एक यूआईआईटी इस सूची में हैं। वहीं, एक स्टडीज, एक होम्योपैथिक कॉलेज, एक आयुर्वेद कॉलेज, एक कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज भी एचपीयू से मान्यता प्राप्त हैं।
वीसी तय करेंगे फीस
पीएचडी स्कॉलर्स की फीस का निर्णय कुलपति कर सकेंगे। ईसी ने कुलपति को इसकी शक्ति प्रदान की है। इसके तहत अब कुलपति अपने स्तर पर ही पीएचडी स्कॉलर्स की फीस में कटौती कर सकेंगे। वहीं, कुश्ती कोच द्वारा जन्म का फर्जी प्रमाण पत्र देकर नौकरी लेने के मामले में ईसी ने उक्त कोच के खिलाफ चार्जशीट करने को भी मंजूरी दे दी है(दैनिक भास्कर,शिमला,19.12.2010)।
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