मानव संसाधन विकास मंत्री वैद्यनाथ राम ने झारखंड को एजुकेशन हब बनाने का ऐलान किया है। उनके मुताबिक, पंचायत चुनाव के बाद राज्य के एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इनमें बीसीए, बीबीए, एमसीए, एमबीए, बीएड, एमएड डिग्रीधारी भी होंगे। सभी जिलों में आईटीआई खोले जाएंगे। छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा नौवीं से दी जाएगी, ताकि मैट्रिक पास करते ही वे नौकरी की अहर्ता पूरी कर लें।
ब्लू पिंट्र तैयार:
जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज के सूचना केंद्र एवं मुक्तांगन के उद्घाटनसमारोह में वैद्यनाथ राम ने कहा कि वर्षो बाद पंचायत चुनाव हुआ है। इसके बाद सत्ता में निकाय की भागीदारी होगी। प्रदेश के सभी सरकारी तंत्र कंप्यूटराइज्ड हो जाएंगे। इससे यहां बीसीए, बीबीए, एमसीए, एमबीए, बीएड, एमएड के विद्यार्थियों की जरूरत होगी। सभी छात्रों को मुख्यालय भेजा जाएगा। योजना का ब्लू प्रिंट तैयार हो गया है।
पीपीपी पद्धति पर खुलेंगे कॉलेज:
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला मुख्यालयों में आईटीआई खुलेंगे, जहां नौवीं कक्षा से ही छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप योजना के तहत शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को कॉलेज खोलने की अनुमति दी जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार का होगा और इंस्टीटच्यूट के प्रबंधन की जिम्मेदारी निजी हाथों में होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी जगे शिक्षा की अलख:
मंत्री के मुताबिक, किसी भी प्रदेश या समाज की स्थिति जानने के लिए उसकीसाक्षरता दर देखी जाती है। इसलिए सरकार चाहती है कि रांची, जमशेदपुर जैसे शहरों में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा की पहुंच बने। समारोह के विशिष्ठ अतिथि व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए कृत संकल्प है। रोजगार के ऐसे अवसर आएंगे कि ढूंढ़ने से भी तकनीकी शिक्षा लेने वाले छात्र नहीं मिलेंगे(दैनिक भास्कर,जमशेदपुर,19.12.2010)।
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