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24 अक्टूबर 2010

झारखंड:बारहवीं में 50 प्रतिशत अंक पाने वाले ही बनेंगे प्राथमिक शिक्षक

झारखंड में 13,807 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में नया पेंच आ गया है। राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से होने वाली नियुक्तियां राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के उस रेगुलेशन से प्रभावित होगी, जिसमें प्राथमिक शिक्षक पद के लिए इंटर/स्नातक में 50 फीसदी अंक अनिवार्य घोषित किया गया है। इस रेगुलेशन को 23 अगस्त 2010 से ही लागू कर दिया गया है, इसलिए नई नियुक्ति इससे प्रभावित होगी। कर्मचारी चयन आयोग ने शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव आयोग को भेज दिया है, इसलिए अब अधिकारी माथापच्ची में जुटे हैं कि क्या किया जाए। फिर से नियुक्ति नियमावली में संशोधन कर प्रस्ताव भेजा जाए या केंद्र सरकार से छूट मांगी जाए। अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। इस रेगुलेशन से वैसे संविदा शिक्षक भी प्रभावित होंगे, जिन्हें इंटर/स्नातक में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त नहीं है। झारखंड में प्राथमिक शिक्षक की नियुक्ति में आधे पद संविदा शिक्षकों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इस रेगुलेशन से झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से होनेवाली 4401 उर्दू शिक्षकों की नियुक्तियां प्रभावित नहीं होगी, क्योंकि इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस अधिसूचना से पूर्व यदि विज्ञापन जारी कर शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तो ऐसी स्थिति में नियुक्ति एनसीटीई द्वारा जारी विनियम, 2001 के अनुसार की जा सकती है। इस परीक्षा के लिए दो वर्ष पूर्व ही विज्ञापन जारी कर दिया गया था। एनसीटीई के नए नियम : एनसीटीई के नए रेगुलेशन के तहत अब इंटर/ स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक लाने वाले प्रशिक्षित अभ्यर्थी ही प्राथमिक शिक्षक बन सकेंगे। यह रेगुलेशन नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम, 2009 के तहत पारित किया गया है। नए रेगुलेशन में कक्षा एक से पांच तथा छह से आठ के लिए शिक्षक नियुक्ति हेतु अलग-अलग योग्यता निर्धारित की गई है। इसके तहत कक्षा एक से 5वीं के शिक्षक के लिए प्रशिक्षित होने के अलावा इंटर (बारहवीं) में न्यूनतम 50 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होगा। पहले प्रशिक्षित के साथ-साथ सिर्फ इंटर उत्तीर्ण होना ही अनिवार्य था। कक्षा छह से आठ के शिक्षक के लिए शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा के साथ बीए या बीएससी होना अनिवार्य होगा, लेकिन यदि शिक्षा शास्त्र में एक वर्षीय Fातक हो तो स्नातक में न्यूनतम 50 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होगा। चार वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में स्नातक होने पर इंटर में 50 प्रतिशत अंक लाने वाले भी शिक्षक बन सकेंगे। इसके अलावा अब व्याख्याता नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) या राज्य पात्रता परीक्षा (स्लेट) के तर्ज पर शिक्षक नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। यह परीक्षा एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के अधीन राज्य सरकार आयोजित करेगी(दैनिक जागरण,रांची,२४.१०.२०१०)।

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