राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से हो रही द्वितीय श्रेणी संस्कृत शिक्षक भर्ती परीक्षा में दूसरे दिन गड़बडियां होने से हजारों अभ्यर्थी परेशान रहे। सामान्य ज्ञान और विज्ञान के इस पेपर में तीन गड़बडियां तो ऎसी थीं, जिन्हें साफ तौर पर चिन्हित किया जा सकता है। परीक्षा में प्रश्नों के चार वैकल्पिक उत्तरों में या तो समानता थी, या एक से अघिक विकल्प ही सही थे।
भर्ती परीक्षा गुरूवार से शुरू हुई थी, जिसमें पहले दिन संस्कृत विषय का पेपर हुआ था और शुक्रवार को सामान्य ज्ञान एवं विज्ञान का पेपर हुआ। इस प्रश्न पत्र में कुल 100 प्रश्न आए, जिनमें प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का था। परीक्षा के निर्देश संख्या 8 में लिखा था कि परीक्षा के किसी प्रश्न में तथ्यात्मक त्रुटि हो तो अंग्रेजी और हिन्दी के रूपांतरण में अंग्रेजी के रूपांतरण को सही माना जाएगा। लेकिन अभ्यर्थी तब क्या करें जब हिन्दी और अंग्रेजी दोनों रूपांतरण ही गलत हों।
परीक्षा देकर आए अभ्यर्थी संजय रामपत और मनोज यादव ने बताया कि तीनों प्रश्नों में गड़बड़ी होने से परेशानी हुई, इसलिए आयोग को इन प्रश्नों के बदले बोनस अंक देने चाहिए।
ये रही गड़बडियां
(सीरीज सी के अनुरूप)
प्रश्न सं. 18 में पूछा कि एबीओ रक्त समूह राजस्थान की कौंन सी जनजाति में सामान्य रूप से पाया जाता है।
खामी: सवाई मान सिंह अस्पताल के विशेष्ाज्ञ चिकित्सकों के अनुरूप रक्त समूह चार होते हैं, जिनमें एबीओ कोई समूह होता नहीं है।
प्रश्न सं. 31 में पूछा गया कि डॉ. दौलत सिंह कोठारी को कौन सा अलंकरण प्राप्त था। इसके चार विकल्पों में पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्म श्री और महावीर चक्र के चार विकल्प दिए गए।
खामी: भारत सरकार के विज्ञान प्रसार की अघिकृत वेबसाइट के अनुसार कोठारी को 1962 में पद्म भूषण और 1973 में पद्म विभूषण सम्मान मिले।
प्रश्न सं. 71 में सोडा विलयन की पीएच के बारे में पूछा गया।
खामी: प्रश्न के 4 वैकल्पिक जवाबों में से दो में पीएच 8 बताया गया(राजस्थान पत्रिका,जयपुर,23.10.2010)।
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