राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने कहा है कि लड़कियां आज हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में उन्हें भी लड़कों के समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। दून स्कूल को लड़कियों को भी शिक्षा देने के विषय पर गंभीरता से सोचना चाहिए। द दून स्कूल के प्लेटिनम जुबली समारोह में शिरकत करने पहुंची राष्ट्रपति ने कहा कि विश्वभर में अपनी विशिष्ट शैली के लिए विख्यात इस स्कूल ने देश को राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक क्षेत्र में महान नायक दिए हैं। समारोह में भूटान नरेश जिग्मे खेहसर वांकचुक, राज्यपाल माग्र्रेट आल्वा, मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक व आईपीएसएस के चेयरमैन अनलजीत सिंह ने भी छात्रों को संबोधित किया। द दून स्कूल के 75वें स्थापना दिवस समारोह के तीसरे दिन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल समेत अनेक हस्तियों ने समारोह की शान बढ़ाई। राष्ट्रगान के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि प्रतिष्ठित दून स्कूल में आकर वह प्रसन्न हैं। इस स्कूल ने भारत को हर क्षेत्र के नायक दिए हैं। यह स्कूल की विशिष्ट शिक्षण शैली का ही कमाल है कि यहां छात्र जीने की कला सीखने के साथ ही प्रजातंत्र समेत देश व विश्व की पूरी व्यवस्था से रू-ब-रू होते है। इस मौके पर उन्होंने स्कूल प्रशासन को सलाह दी कि इन शानदार सुविधाओं का लाभ लड़कियों को भी मिलना चाहिए। भूटान नरेश जिग्मे खेहसर वांगचुक ने कहा कि जिंदगी एक मैराथन है, जिसे आराम और निरंतरता के साथ आगे बढ़कर ही जीता जा सकता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि हर काम पूरे मनोयोग के साथ करो। जिंदगी को पूरी तरह से खुलकर जियो, तभी जीने का मजा आएगा। समारोह में उत्तराखंड की राज्यपाल माग्रेट आल्वा व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने पुराने छात्रों, अतिथियों व बाहर से आए लोगों का अभिनंदन किया व छात्रों से गौरवशाली परंपरा को इसी जज्बे के साथ आगे बढ़ाने की अपील की(दैनिक जागरण,राष्ट्रीय संस्करण,२४.१०.२०१०)।
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