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24 अक्टूबर 2010

यू पी :मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी सीटें!

सूबे के चिकित्सा विश्वविद्यालय व मेडिकल कॉलेजों में सीटों को बढ़ाया जा सकता है। सीटों को बढ़ाने के साथ ही मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनकी सेवा शर्तो को और आकर्षित बनाने की भी तैयारी है। सूबे के मेडिकल कॉलेजों की वित्तीय स्थिति सुधारने के संबंध में भी छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रोफेसर हर्ष कुमार सहगल की अध्यक्षता में गठित समिति ने तमाम संस्तुतियां कर रखी हैं। संस्तुतियों के संबंध में मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने शनिवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार बैठक में सिफारिशों पर विचार-विमर्श कर मुख्य सचिव ने कहा कि चिकित्सा विश्वविद्यालय व मेडिकल कॉलेजों में सीटों के बढ़ाने के संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जाए। प्रस्ताव तैयार करने में कॉलेजों में संसाधनों की उपलब्धता देखी जाए। कॉलेजों से चिकित्सा शिक्षकों के पलायन को रोकने और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने कहा कि चिकित्सा शिक्षकों के वेतन व सेवा शर्तो को आकर्षित बनाया जाये। सूत्र बताते हैं कि मेडिकल कॉलेजों की आय बढ़ाने के लिए सामान्य फीस से चार से दस गुने तक ज्यादा फीस पर 10 फीसदी एनआरआई कोटे के तहत सीटों की व्यवस्था करने, सभी पाठ्यक्रमों की फीस बढ़ाने, हर समय पेड ओपीडी की सुविधा शुरू करने, सभी आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथिक कॉलेजों को एक छत के नीचे लाने के लिए आयुष विश्वविद्यालय बनाने, कॉलेजों में 50 फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटे के तहत बढ़ाने, प्रवेश, ट्यूशन व परीक्षा शुल्क में इजाफा करने, पंजीकरण शुल्क में बढ़ोत्तरी करने, निजी-सरकारी सहभागिता के माध्यम से जांच की सुविधा उपलब्ध कराने, स्ववित्तपोषित योजना के तहत पैरामेडिकल प्रोग्राम शुरू करने तथा पैसा लेकर मरीजों को उच्च गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध कराये जाने संबंधी समिति की संस्तुतियों पर भी चर्चा की गई। इन संस्तुतियों को लागू करने पर विचार करने से पहले सभी मेडिकल कॉलेजों से सुझाव मांगा जायेगा(दैनिक जागरण,दैनिक जागरण,२४.१०.२०१०,२४.१०.२०१०)।

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