हरियाणा सरकार अगले साल से संस्कृत भाषा में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए हरियाणा के विद्वानों को डेढ़ लाख रुपये के हरियाणा संस्कृत गौरव पुरस्कार से सम्मानित करेगी। इसके अलावा संस्कृत के तीन अन्य पुरस्कारों गुरु विरजानंद आचार्य पुरस्कार, विद्या मार्तंण्ड पं. सीता राम आचार्य पुरस्कार तथा पं. युधिष्ठिर मीमांसक आचार्य पुरस्कार की राशि को बढ़ाकर 51-51 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है।
यह घोषणा वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में कल हरियाणा राजभवन में आयोजित संस्कृत साहित्यकार सम्मान समारोह के दौरान की गई। समारोह में पिछले दो वर्षों के लिए संस्कृत भाषा के बारह आचार्यों एवं साहित्यकारों को राज्यपाल के करकमलों द्वारा सम्मानित किया गया।
संस्कृत आचार्यों एवं साहित्यकारों को बधाई देते हुए राज्यपाल जगन्नाथ पहाडि़या ने कहा कि संस्कृत भाषा को जीवंत रखने में संस्कृत विद्वानों का अतुल्य योगदान रहा है और आज संस्कृत भाषा हमारे धार्मिक ग्रन्थों में धरोहर के रूप में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा का शब्दकोष लगभग आठ लाख शब्दों से ज्यादा है, जो शायद ही किसी भाषा का हो। राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत भाषा में विद्वानों द्वारा किए जाने वाले शोधों के जरिए कैंसर एवं एड्स जैसे रोगों का इलाज आज आयुर्वेद में किया जा रहा है(नवभारत टाइम्स,चंडीगढ़,23.10.2010)।
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