तीन जिलों का प्रशासनिक व्यवस्था व नौ ब्लॉकों के युवाओं का पंजीकरण, अधिकारी एक व बाबू चार। ये तस्वीर है पौड़ी गढ़वाल के लैंसडौन क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय की। लैंसडौन स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के जिम्मे कहने को तो चमोली, पौड़ी, व रुद्रप्रयाग जिले के सेवायोजन कार्यालय का प्रशासनिक नियंत्रण का दायित्व है जबकि पौड़ी जनपद के नौ ब्लॉकों के युवाओं का पंजीकरण का जिम्मा भी इसी विभाग के हवाले है, लेकिन नाम बड़े व दर्शन छोटे की कहावत की तरह विभाग में न तो स्टाफ की तैनाती की गई है। और न ही विभाग को अपनी जिम्मेवारी निभाने के लिए पर्याप्त संसाधन दिए गए। इस पर तुर्रा ये है की पांच माह से बजट स्वीकृत न होने से विभाग को अपने खर्च चला पा भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में छात्रों के उज्जवल भविष्य की कल्पना सहज ही की जा सकती है।
पर्यटन नगरी में स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के वर्क लोड बढ़ने से पसीने छूट रहे है। तीन जिलों का प्रशासनिक नियंत्रण करने के अलावा पौड़ी जनपद के एकेश्वर, रिखणीखाल, पोखड़ा, बीरोखाल, नैनीडांडा, यमकेश्वर, दुगड्ड़ा, जयहरीखाल, द्वारीखाल व लैंसडौन कैंट समेत नौ ब्लॉकों के पंजीकरण करने में विभाग को कसरत करनी पड़ रही है। मजेदार बात यह है किराए के भवन में चल रहे क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के पास अब तक न तो अपना वाहन है और न ही भवन। ऐसे में नो ब्लाकों में लगने वाले शिविरों के लिए क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के अधिकारी व स्टाफ को सवारी गाड़ी में लटक कर धक्के खाने पड़ते है। इसके अलावा विभाग में डायरेक्टर का पद भी पिछले करीब पांच माह से रिक्त चल रहा है। बजट की स्वीकृति न मिलने के कारण विभाग के खराब पड़े कम्प्यूटर को सही नही करवाया जा सका है।
'क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में स्टाफ की कमी पिछले काफी समय से बनी हुई है। इसके लिए प्रमुख सचिव का ध्यान उत्कृष्ट करवाने के साथ विभाग के डायरेक्टर को शासन की ओर से पत्र लिखा जा चुका है'-दलीप जावलकर,डीएम पौड़ी
'बजट स्वीकृत न होने से विभागीय कार्यो को व्यवस्थित संपादित करने में दिक्कतें आ रही है, जबकि कर्मचारियों की तैनाती न होने से विभागीय कार्यो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है विभाग में डायरेक्टर का पद खाली चल रहा है ऐसे में समस्याओं के निस्तारण में वक्त लग रहा है'-सुभाष कुमार,क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी लैंसडौन(दैनिक जागरण संवाददाता,लैंसडौन,23.10.2010)
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