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23 अक्टूबर 2010

जामिया द्वारा दलाई लामा को पीएचडी देने पर असमंजस

विदेश सचिव निरुपमा राव ने इस खबर पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है कि जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय द्वारा तिब्बत के धार्मिक नेता दलाई लामा को डाक्टरेट की उपाधि (पीएचडी) देने के प्रस्ताव पर विदेश मंत्रालय ने आपत्ति की है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय व अन्य एजेंसियों ने जामिया मिलिया के प्रस्ताव को स्वीकार किया था।

विदेश मंत्रालय का कहना है कि चीन के साथ कई मुद्दों पर चल रहे तनाव के संदर्भ में दलाई लामा को डाक्टरेट की उपाधि से सम्मानित करना राजनयिक दृष्टि से उचित नहीं होगा। चीन सरकार दलाई लामा को देशद्रोही मानती है। विदेश मंत्रालय को लगता है कि जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के इस कदम से भारत और चीन के बीच जारी वार्ता पर नकारात्मक असर पड़ेगा। चीन ने दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश यात्रा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई उनकी मुलाकात का भी विरोध किया था। निरुपमा राव ने इस संबंध में भारत सरकार की इस नीति को दोहराया कि दलाई लामा एक सम्मानित धार्मिक गुरु हैं, जिनके प्रति भारत में बेहद आदर है। दलाई लामा को डाक्टरेट की उपाधि देने पर विदेश मंत्रालय की आपत्ति यह है कि इसके लिए मौजूदा समय उचित नहीं है(नई दुनिया,दिल्ली,23.10.2010)।

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