स्कूली बच्चों के ज्ञान में इजाफे के लिए 24 घंटे 7 दिन चलने वाले एक शैक्षणिक चैनल की शुरुआत होने जा रही है। मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय की हरी झंडी के बाद अब एनसीईआरटी इस चैनल को शुरू करने की तैयारी में जुट गई है।
वह इसके लिए एक ऐसा नाम तलाश रही है जो इसे बच्चों के बीच उसे खास पहचान दिला सके। दरअसल, मंत्रालय की ओर से इस चैनल के लिए एनसीईआरटी को एक नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है।
एनसीईआरटी का सीआईईटी विभाग (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल टेक्नॉलॉजी) 5-18 वर्ष तक के बच्चों व युवाओं के लिए दूरदर्शन के डीडी वन-1 और ज्ञान दर्शन-1 पर वीडियो प्रोग्राम प्रसारित करता है।
अब एनसीईआरटी को 24 घंटे के चैनल के लिए मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में सीआईईटी का मानना है कि चैनल का ऐसा नाम चयन किया जाए जिससे कि लोग उससे जुड़ाव महसूस करें।
इसके लिए इसका नाम ऐसा होना चाहिए जो तुरंत जबान पर चढ़ जाए और जिससे मनोरंजन व ज्ञान के मिलेजुले सार का अहसास भी हो। टाइटल जितना रचनात्मक होगा उतना ही लोग उससे आकर्षित होंगे।
सीआईईटी अधिकारियों के मुताबिक अब तक चैनल के टाइटल के लिए 237 आवेदन आ चुके हैं और सीआईईटी की चुनाव समिति ही छंटनी की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके आधार पर एक उपयुक्त टाइटल का चयन किया जाएगा।
अधिकारियों की मानें तो यदि प्राप्त आवेदनों में से कोई टाइटल अच्छा नहीं लगा तो दुबारा आवेदन मांगे जाएंगे।
ज्ञान दर्शन चैनल पर आईआईटी के तकनीकी एजुकेशन चैनल का नाम एकलव्य है। इसी तरह, उच्च शिक्षा के लिए व्यास नाम से एक चैनल है जिसकी नोडल एंजेसी कानसॉटियम ऑफ एजुकेशनल कम्युनिकेशन है।
ज्ञानदर्शन चैनल-2 पर दूरस्थ शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम प्रसारित होंते हैं जिसकी नोडल एंजेसी इग्नू को बनाया गया है। कुछ ऐसे ही नाम की खोज एनसीईआरटी कर रहा है, ताकि नाम के जरिये इस चैनल को पहचान दिलाई जा सके(शैलेन्द्र सिंह,दैनिक भास्कर,दिल्ली,5.2.11)।
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