राज्य में सरकारी नौकरियों में आरक्षण सीमा बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने सोमवार को विधानसभा में यह घोषणा की। विधायक गीता कोड़ा के सवाल का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि आरक्षण का मामला कोर्ट में लंबित है। जल्द ही इस पर कार्यवाही होगी।
विधायक का कहना था कि पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला सहित कई जिलों में पिछड़ी जाति का आरक्षण शून्य है। इसमें क्या सुधार हो सकता है।
मुंडा ने बताया कि अनुसूचित जाति के लिए 10, अनुसूचित जनजाति के लिए 26, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आठ व पिछड़ा वर्ग के लिए छह प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। पश्चिम सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, दुमका, लातेहार एवं खूंटी जिले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को मिलाकर आरक्षण 50 प्रतिशत हो गया है।
इसे बढ़ाया नहीं जा सकता है। इसी वजह से पिछड़े वर्ग का आरक्षण शून्य हो गया है। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरियों में आरक्षण की अधिकतम सीमा पचास प्रतिशत है। इसे बढ़ाने के लिए 2002 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। उस समय कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु से संबंधित ऐसे ही मामले की सुनवाई चलने के कारण याचिका को स्थगित कर दिया था। अब तमिलनाडु का फैसला आ गया है। सरकार दोबारा कोर्ट जाएगी।
ये हैं राज्य में आरक्षण की नीतियां
राज्य स्तर और जिला स्तर पर नियुक्ति के लिए अलग-अलग नीतियां हैं। 10 अक्टूबर 2002 की आरक्षण नीति के अनुसार जिला स्तर पर आरक्षित कोटि की रिक्तियों को 1991 की जनगणना के अनुसार भरा जाना है।
जिलावार जनसंख्या के आधार पर पहले अनुसूचित जाति फिर अनुसूचित जनजाति को भी 1991 की जनगणना के आधार पर ही आरक्षण दिया जाता है। दोनों अगर आरक्षण ५क्त्न हो जाता है तो दूसरे वर्गो को लाभ नहीं दिया जाता। यदि कोटा पूरा नहीं होता है तो उसके समतुल्य पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने का प्रावधान है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को सरकारी नियुक्तियों में 69 प्रतिशत आरक्षण एक साल तक जारी रखने की छूट दी है। 1992 में इंदिरा साहनी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आरक्षण की अधिकतम सीमा पचास प्रतिशत ही रहेगी। विशेष परिस्थितियों में अपवाद स्वरूप इससे ज्यादा आरक्षण दिया जा सकता है।
अति पिछड़ों व पिछड़ों को लाभ
राज्य सरकार हाईकोर्ट में अपील कर जिलों में निर्धारित पचास प्रतिशत आरक्षण सीमा को बढ़ाने की अपील करेगी। इससे आरक्षण से वंचित पिछड़े व अत्यंत पिछड़े वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरी में आरक्षण मिलेगा(दैनिक भास्कर,रांची,15.3.11)।
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