दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एफएमएस)ने प्लेसमेंट हॉलीडे नीति शुरू की है। इस नीति के द्वारा छात्रों के अंदर छिपी उद्यमी क्षमता को नया आयाम देने के साथ-साथ उन्हें कारोबार खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसमें छात्र को अपना कारोबार शुरू करने की छूट दी जाएगी और अगर उनका कारोबार नहीं चलता है तो कोर्स खत्म होने के अगले दो साल तक वह प्लेसमेंट प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। एफएमएस के डीन कुरियाकोज ममकोट्टम का कहना है कि इस नीति के मुताबिक इच्छुक छात्र प्लेसमेंट प्रक्रिया में हिस्सा न लेने के लिए स्वतंत्र हैं। वह अपना व्यवसाय खोल सकते हैं अगर उनका कारोबार किसी कारणवश बेहतर तरीके से काम नहीं कर पाता है तो अगले दो साल तक वह कैंपस प्लेसमेंट में बैठ सकते हैं। इस माध्यम से हम अप्रत्यक्ष तरीके से छात्रों को अपना उद्यम खोलने के लिए प्रोत्साहित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता छात्रों पर निर्भर करती है कि वह इस विकल्प का कितना फायदा उठाते हैं।
छात्र अगर प्लेसमेंट में बैठना नहीं चाहते हैं तो इसके लिए दो महीने पहले कॉलेज को बताना होगा। एक बैच में अधिकतम पांच प्रतिशत छात्र ही इस प्रक्रिया का फायदा उठा सकते हैं। ममकोट्टम ने कहा कि इस पॉलिसी का मकसद यह है कि छात्र अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करें। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि एफएमएस इसके लिए किसी भी तरह की सहायता प्रदान नहीं करेगा। फंड एकत्र करने के लिए छात्रों को अपनी उद्यम क्षमता का इस्तेमाल करना है। इस साल इस सुविधा का फायदा करीब सात छात्र उठा सकेंगे। फिलहाल आईआईएम में इस तरह की पॉलिसी छात्रों के लिए होती है।
(अनुराग मिश्र,हिंदुस्तान,दिल्ली,9.3.11)
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