स्नातक योग्यताधारी शिक्षामित्रों को दो वर्षीय ट्रेनिंग दिलाने के लिए उनका चयन नियुक्ति के लिए संविदा की तारीख के आधार पर किया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षामित्रों के पहले चरण की ट्रेनिंग जुलाई 2011 से शुरू कराने के मकसद से इस आशय का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस संबंध में जल्दी ही शासनादेश जारी होने की संभावना है। स्नातक की योग्यता रखने वाले शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण देने के लिए उनके चयन का अनुमोदन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। राजकीय इंटरमीडिएट कालेज के प्राचार्य इस समिति के सदस्य और संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य-सचिव होंगे। ट्रेनिंग के लिए शिक्षामित्रों का चयन ग्राम शिक्षा समिति द्वारा प्रथम संविदा पर उनकी नियुक्ति की तारीख के आधार पर किया जाएगा। पहले संविदा पर आए शिक्षामित्र को पहले स्थान दिया जाएगा। तारीख के क्रम में बाद में संविदा पर नियुक्त होने वाले शिक्षामित्र को बाद में चुना जाएगा। यदि कई शिक्षामित्रों की संविदा की तारीख एक ही हो तो उस स्थिति में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक परीक्षाओं के प्रतिशत के योग से अधिक अंक पाने वाले शिक्षामित्र का नाम पहले स्थान पर होगा। यदि प्रथम संविदा की तारीख और उपर्युक्त तीनों परीक्षाओं में प्राप्त प्रतिशत का योग भी समान हो तो चयन में अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। यदि संविदा की तारीख, तीनों परीक्षाओं के प्रतिशत का योग और आयु भी समान हो तो ऐसी स्थिति में अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में नाम के अनुसार वरीयता दी जाएगी। प्रशिक्षण के लिए शिक्षामित्रों के चयन में राज्य सरकार के आरक्षण संबंधी नियमों का पालन किया जाएगा। अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा अन्य आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित प्रतिशत के अनुसार शिक्षामित्रों का चयन होगा। ट्रेनिंग के लिए चुने गए शिक्षामित्रों की सूची ब्लॉक स्तर पर विकासखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) और नगर क्षेत्रों में नगर शिक्षा संस्थान केंद्रों (यूआरसी) पर तैयार की जाएगी। आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए प्रत्येक विकासखंड संसाधन केंद्र और नगर शिक्षा संसाधन केंद्र पर 70 स्नातक योग्यताधारी शिक्षामित्रों का चयन किया जाएगा और उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण सुविधा उन्हीं स्नातक शिक्षामित्रों को मिलेगी जो संविदा पर नियुक्त होने की तारीख के बाद से स्कूलों में लगातार संतोषजनक ढंग से पढ़ा रहे हों। चुने गए शिक्षामित्रों को ट्रेनिंग के लिए उनके ही बीआरसी और यूआरसी में प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। किन्हीं कारणवश यदि उक्त केंद्रों में ट्रेनिंग के लिए योग्य पाये गए अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होती है तो उन्हें दूसरे बीआरसी और यूआरसी में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा(राजीव दीक्षित,दैनिकजागरण,लखनऊ,19.3.11)।
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