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10 मार्च 2011

बिहारःसीओ जारी करेंगे जाति प्रमाण-पत्र

राज्य सरकार ने आरक्षित वर्ग के लोगों को जाति, आय, आवास और क्रीमीलेयर रहित होने संबंधी प्रमाण पत्र के मामले में भारी राहत प्रदान किया है। अब अंचलाधिकारी (सीओ) ही इन्हें प्रमाण पत्र जारी कर देंगे। साथ ही इन प्रमाण पत्रों के जारी किये जाने की प्रक्रिया भी सरल कर दी गयी है। सीओ कार्यालय में आवेदन देने के 21 दिनों के भीतर इसका निपटारा कर दिया जायेगा। वर्तमान में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र एवं अंचलाधिकारी द्वारा जारी आय एवं आवास प्रमाण पत्र के आधार पर एसडीओ एवं डीएम प्रमाण पत्र जारी करते हैं। इसमें प्रक्रियात्मक विलंब के कारण आवेदकों को नौकरी व दूसरी तरह की सुविधाओं में परेशानी होती थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को जारी अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी सेवाओं में नियोजन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित सीओ द्वारा जारी जाति, आय, आवास एवं क्रीमीलेयर रहित प्रमाण पत्र पूरी तरह से मान्य होंगे। इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसकी प्रक्रिया में बारे में तय किया गय है कि उपरोक्त प्रमाण पत्र जांच के बाद सीओ जारी करेंगे। राजस्व अभिलेख-स्थलीय जांच सीओ या उनके द्वारा अधिकृत सेवक द्वारा की जायेगी। वांछित प्रमाण पत्र के लिए आवेदक को पूर्ण रूप से भरे गये निर्धारित फार्म में खुद के शपथ पत्र के साथ सीओ कार्यालय में जमा करना होगा। राजस्व कर्मचारी, पंचायत सेवक, जनसेवक के हस्ताक्षर का नमूना संबंधित सीओ कार्यालय में सुरक्षित रखा जायेगा। आवेदन देने के 21 दिन के भीतर उसका निष्पादन किया जायेगा। प्रमाण पत्र देय नहीं होने की स्थिति में कारण बताते हुए आवेदक को जानकारी दी जायेगी। अगर राज्य सरकार से इतर प्राधिकारों द्वारा नियुक्ति या दूसरे प्रयोजन के लिए एसडीओ या डीएम द्वारा जारी प्रमाण पत्र की मांग की जाती है तो ऐसे मामले में सीओ द्वारा जारी उच्चाधिकारी सिर्फ प्रतिहस्ताक्षर करेंगे। ओबीसी यानी क्रीमीलेयर रहित प्रमाण पत्र बार-बार जारी नहीं किया जायेगा। जाति प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र के साक्ष्य के लिए आवेदक के पिता-पुर्वज का राजस्व अभिलेख यानी खतियान, दानपत्र, भूमि संबंधी दस्तावेज, भूमिहीनों को आवंटित जमीन से संबंधित अभिलेख आदि मान्य होंगे। इनकी अनुपलब्धता की स्थिति में स्थल निरीक्षण कर समय सीमा के भीतर प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है। जाति प्रमाण पत्र की वैधता की सीमा नहीं होगी। संबंधित प्राधिकार जांच के बाद जाति प्रमाण पत्र आवेदक को वापस कर देंगे। 

आवास प्रमाण पत्र : आवास प्रमाण पत्र के साक्ष्य के लिए राजस्व अभिलेख, राशन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र, बिजली व फोन का बिल समुचित माने जायेंगे।। आय प्रमाण पत्र के साक्ष्य के लिए वेतन-पेंशन पर्ची, आयकर रिटर्न, मान्य होंगे। स्थायी आवास होने पर वैधता की सीमा नहीं होगी। अस्थायी आवास होने पर वैधता की सीमा अधिकतम एक साल के लिए होगी(दैनिक जागरण,पटना,10.3.11)।

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