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10 मार्च 2011

इलाहाबाद विश्वविद्यालयःनहीं बदलेगा प्रवेश परीक्षा का प्रारूप!

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक एवं परास्नातक प्रवेश परीक्षा का प्रारूप 14 मार्च को तय किया जाएगा। बुधवार को आयोजित सभा में यह निर्णय लिया गया। परीक्षा में कोई विशेष परिवर्तन नहीं किया जाएगा। आवेदनपत्र ऑनलाइन और मैनुअल दोनों प्रकार से उपलब्ध होंगे। पीजीएटी एवं यूजीएटी निदेशकों ने सभी विषयों की प्रवेश परीक्षा में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होने का संकेत दिया है। प्रवेश की समस्त प्रक्रिया पर अंतिम फैसला इस माह की 14 तारीख को होगा। गत वर्ष कैंपस एवं महाविद्यालयों में स्नातक की ढाई हजार सीटों के लिए 42 हजार से अधिक छात्र छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। इसके अतिरिक्त प्रोफेशनल स्टडीज में छात्रों की संख्या अलग रही। माना जा रहा है कि इस वर्ष भी शैक्षिक कैलेंडर का अनुपालन करते कैंपस में सर्वप्रथम स्नातक कक्षाओं के लिए दाखिले का क्रम शुरू होगा। स्नातक प्रवेश प्रक्रिया के क्रम में प्राचीन इतिहास, अंग्रेजी, हिन्दी, अर्थशास्त्र, गणित, समाजशास्त्र, डिफेंस व स्टेट, भूगर्भशास्त्र, मनोविज्ञान, राजनीतिशास्त्र व कम्प्यूटर एप्लीकेशन आदि विषयों में प्रवेश के लिए मारा-मारी रहेगी। महाविद्यालयों के वित्त पोषित कोर्स के लिए सम्पूर्ण प्रक्रिया कॉलेज स्तर पर आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि अब विश्वविद्यालय एवं इसके सम्बद्ध महाविद्यालयों में प्रत्येक कोर्स में सीटों की संख्या 54 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। ये बढ़ी हुई सीटें अभ्यर्थियों के लिए तो राहत हैं, लेकिन प्रशासन को छात्रों की नई पौध को स्थान एवं संसाधनों के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ रही है। इसी प्रकार पीजी कक्षाओं में विभिन्न संकाय की ढाई हजार से अधिक सीटों के लिए प्रवेशार्थी भाग्य आजमाएंगे। गत वर्षो में पीजी प्रवेश परीक्षाएं जून के दूसरे पखवाड़े में करा ली गर्ई थी(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,10.3.11)।

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