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20 मार्च 2011

डीयूःबीए और अन्य कोर्सेज के लिए अंग्रेजी के सिलेबस को स्वीकृति

दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर सेमेस्टर का विरोध अब धीरे धीरे ठंडा प़ड़ने लगा है। गुヒवार को अंग्रेजी विभाग की आमसभा की बैठक में शिक्षकों ने सेमेस्टर को पूर्णतया नकार दिया था। लेकिन शनिवार को कमेटी ऑफ कोर्सेज की इमरजेंट बैठक में सेमेस्टर को लेकर विरोधी सुर बदले से नजर आए। यहां बीए प्रोग्राम और अन्य कोर्सेज के लिए सिलेबस को हरी झंडी दे दी गई। अंग्रेजी ऑनर्स में भी सेमेस्टर को पूरी तरह रिजेक्ट करने का प्रस्ताव दो तिहाई से पास नहीं हो पाया। सदस्यों को उम्मीद है कि ऑनर्स में यह अनिश्चय या ऊहापोह की स्थिति एक और बैठक के बाद खत्म हो जाए।

विश्वविद्यालय में साइंस के बाद अब जुलाई सत्र से आर्ट्स, कॉमर्स और सामाजिक विज्ञान में भी सेमेस्टर लागू किया जाना है। इसको लेकर विभिन्न विभागों में सिलेबस की तैयारी चल रही है। अंग्रेजी, इतिहास और अर्थशास्त्र जैसे विभाग में इसका जबरदस्त विरोध था। आम शिक्षकों की राय जानने के बाद सिलेबस को लेकर अंग्रेजी विभाग ने शनिवार को कमेटी ऑफ कोर्सेज की बैठक बुलाई जहां बीए प्रोग्राम और अन्य कोर्स के लिए अंग्रेजी के सिलेबस को स्वीकृति दे दी गई। जब आनर्स में सिलेबस को स्वीकृति देने की बारी आई तो पहले की तरह इस बार विरोध नहीं दिखा। आमसभा की संस्तुति के अनुसार एक प्रस्ताव आया कि कमेटी आफ कोर्सेज सेमेस्टर को पूर्णतया बहिष्कार करती है। लेकिन यह प्रस्ताव दो तिहाई बहुमत से पास नहीं हो पाया। हालांकि कमेटी के ज्यादातर सदस्यों का यह मत था कि इसमें संवाद, विचार विमर्श और इससे जु़ड़ी समस्याएं खत्म करने के बाद ही सिलेबस तैयार किया जाए। ऑनर्स की कमेटी से जु़ड़े सदस्य प्रो हरीश त्रिवेदी ने बताया कि आमसभा की तरह सेमेस्टर का पूर्णतया बहिष्कार कमेटी ऑफ कोर्सेज में नहीं दिखा। सेमेस्टर को खारिज करने से जु़ड़े प्रस्ताव को दो तिहाई बहुमत ने पास नहीं किया। 


बताया जा रहा है कि ऑनर्स कोर्स को लेकर अंग्रेजी विभाग में भी ऊहापोह की स्थिति एक दो बैठक के बाद खत्म हो जाएगी। ज्यादातर विभागों में सेमेस्टर चल प़ड़ा है। ऐसे में यह विभाग ज्यादा दिन अकेले अलग राग नहीं अलाप सकता। इसे भी ना नुकुर के बाद सेमेस्टर अपनाना प़ड़ेगा। अभी भले ही इसको लेकर अलग अलग तरह के तीन प्रस्ताव पास तैयार किए गये हैं(अनुपम कुमार,नई दुनिया,दिल्ली,20.3.11)।

राष्ट्रीय सहारा में राकेशनाथ की रिपोर्टः
डीयू के बीए प्रोग्राम में भी सेमेस्टर सिस्टम पास हो गया है। हालांकि अंग्रेजी ऑनर्स कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम को पास करना डीयू के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। अंग्रेजी विभाग के कमेटी ऑफ कोर्सेज की हुई बैठक में सेमेस्टर सिस्टम को सिरे से नकार दिया गया है। बीए प्रोग्राम की कमेटी ऑफ कोर्सेज ने बीए प्रोग्राम में सेमेस्टर सिस्टम में पास कर दिया। डीयू रजिस्ट्रार राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि जुलाई से बीए प्रोग्राम में सारे पेपर सेमेस्टर सिस्टम में चलाए जाएंगे। अंग्रेजी विभाग के कमेटी ऑफ कोर्सेज की बैठक में कहा गया है कि स्नातक स्तर पर अंग्रेजी ऑनर्स में सेमेस्टर सिस्टम लाने के लिए इसको पढ़ाने वाले अंग्रेजी शिक्षकों की राय लिया जाना जरूरी है। अब विभाग द्वारा सिलेबस रिवाइस करने के लिए सभी शिक्षकों से राय ली जाएगी। बैठक सुबह से शाम तक चली। इस दौरान डीयू शिक्षकों द्वारा गठित ज्वाइंट एक्शन बॉडी ने बैठक के बाहर सेमेस्टर सिस्टम का विरोध किया। बैठक में इस बात का भी विरोध किया गया कि सेमेस्टर के पक्ष और विपक्ष में रहने वाले लोगों के नाम और बयान रिकॉर्ड किये जाएं। मालूम हो कि डीयू के कुछ विभागों में सेमेस्टर सिस्टम को लेकर भारी विरोध चल रहा है। विरोध करने वाले विभागों में अंग्रेजी विभाग भी शामिल है। अंग्रेजी विभाग की कोर्स ऑफ कोर्सेज की सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे तक की लंबी बैंठक चली। इस दौरान विभाग द्वारा अंत में एक प्रस्ताव पारित कर दिया है। जिसमें विभाग द्वारा साफ तौर पर कहा गया है किअंग्रेजी ऑनर्स में सेमेस्टर सिस्टम लाने के लिए पहले डीयू के अंग्रेजी शिक्षकों से राय ली जाएगी। डूटा सदस्य व अंग्रेजी शिक्षक एन सचिन ने कहा कि कोई भी विभाग का सबसे महत्वपूर्ण कोर्स ऑनर्स का होता है। विभाग ने ऑनर्स कोर्सेज में सेमेस्टर सिस्टम रिजेक्ट कर दिया है। कारण यह है कि शैक्षणिक तौर पर ऑनर्स कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम की जरूरत नहीं है। कारण यह भी है कि डीयू कह रही है कि कोर्स को दो भागों को बांटकर कोई शैक्षणिक लाभ नहीं मिलेगा।

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