डेकोरेशन सिर्फ घर को सजाने की ही कला नहीं है, बल्कि किसी भी स्थान या पर्टिकुलर प्लेस को ब्यूटीफुल लुक देने का खूबसूरत तरीका है। शादी हो, पार्टी हो, ऑफिस हो या फिर घर, उसे अलग लुक देने के लिए सजावट का बहुत महत्त्व है। डेकोरेशन एक ऐसा व्यवसाय है, जो कम खर्च पर भी अच्छे से चल सकता है। डेकोरेशन का काम करने के लिए बाजार में ही बैठना जरूरी नहीं है। टेन्ट व्यावसायियों से संपर्क रख कर भी इस कार्य को अच्छे से किया जा सकता है। डेकोरेटर बनने के लिए आपको क्या करना होगा, आइए बताते हैं-
क्वालिफिकेशन
डेकोरेटर बनने में आपकी क्वालिफिकेशन बहुत आड़े नहीं आती। अगर आप अच्छे विजुलाइजर हैं और हिसाब-किताब करना भी आपको ठीक-ठाक आता है, तो आप एक अच्छे डेकोरेटर बन सकते हैं।
रुचि
बिजली के कामों के साथ सजावट और कला में रुचि रखने वाला व्यक्ति एक अच्छा डेकोरेटर सिद्घ हो सकता है। एक डेकोरेटर को बढ़िया साज-सज्जा का अनुभव होना बहुत जरूरी है।
डेकोरेशन के काम में आप जितना अधिक सीखेंगे, उतने ही सफल डेकोरेटर बनेंगे। यह काम आप किसी अच्छे होम डेकोरेटर के पास रह कर सीख सकते हैं।
जैसा हुनर, वैसा काम
यह काम आपके हुनर पर पूरी तरह डिपेंड करता है। इसमें आप जितने भी निपुण होते जाएंगे, आपकी उतनी ही डिमांड बढ़ती जाएगी। आपका सर्कल जितना बड़ा होगा, उतना ही अधिक पैसा आपके पास आएगा।
सतर्कता जरूरी
आजकल डेकोरेशन में बिजली का काम भी बहुत होने लगा है। इसीलिए इस काम को करते समय पूरी सावधानी की जरूरत पड़ती है। डेकोरेशन के लिए यूं तो आपका घर भी उपयुक्त हो सकता है, लेकिन बाजार में पहचान बनाने के लिए बैठने का स्थान होना चाहिए। आप किसी स्थापित डेकोरेटर के साथ मिलकर या उसके अंडर रहकर भी काम शुरू कर सकते हैं।
लागत
इस काम में लागत आपके व्यवसाय के स्तर पर निर्भर करती है। आप इस काम को केवल अपने हुनर के आधार पर भी शुरू कर सकते हैं। ऐसे में आपको दूसरे डेकोरेटर के साथ पर-हेड के हिसाब से भी काम मिल सकता है। वैसे इस काम के लिए आपको कम से कम तीस से चालीस हजार रुपए चाहिए। अधिक लागत की कोई सीमा नहीं है।
आमदनी
डेकोरेशन में आमदनी पूरी तरह काम पर निर्भर करती है। काम को अच्छा करने के लिए आपका हुनर काम आता है। मगर तीस-चालीस हजार रुपए की लागत पर आप एक वर्ष में एक से डेढ़ लाख रुपए कमा सकते हैं।
लोन
इस काम के लिए अगर आप लोन लेना चाहते हैं, तो स्थानीय बैंक से संपर्क कर उससे लोन ले सकते हैं। मगर यह बैंक पर निर्भर करता है कि वह आपको लोन देता है या नहीं। लोन का दूसरा जरिया है प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना। इस योजना से लोन लेने के लिए आप स्थानीय विभाग से संपर्क कर, वहां से फॉर्म लेकर भर सकते हैं। अगर आपका फॉर्म लोन के लिए पास होता है तो आप स्वयं बैंक निर्घारित कर उसके लोन विभाग या मैनेजर से संपर्क करके लोन जारी करा सकते हैं।
(मंजू भारद्वाज,हिंदुस्तान,दिल्ली,9.3.11)
अच्छी जानकारी..
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छी जानकारी। धन्यवाद।
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