अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने नए सत्र में इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। प्रदेश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को एआईसीटीई की वेबसाइट में कॉलेज से संबंधित सभी जानकारियां अपडेट करनी होंगी।
वेबसाइट में कॉलेज में कितने प्रोफेसर हैं, छात्रों की संख्या कितनी है, फैकल्टी कितनी है, लैब कितने हैं, उपकरण कैसे और किस हाल में हैं, कॉलेज लगने का समय, छात्रों की उपस्थिति, कॉलेज में दी जाने वाली अतिरिक्त सुविधाएं, यूनिट वार टेस्ट, कॉलेज की अतिरिक्त गतिविधियों समेत सभी तरह की जानकारी अपडेट करनी होगी।
किसी भी तरह की अधूरी जानकारी देने पर कॉलेजों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
तकनीकी शिक्षा संचालनालय से मिली जानकारी के अनुसार कोई भी इंजीनियरिंग कॉलेज वेबसाइट पर आधी-अधूरी या गलत जानकारी देता है तो उस पर एक साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। लगातार कई गलतियां करने वाले कॉलेजों की मान्यता भी खत्म की जा सकती है। वेबसाइट पर निगरानी परिषद करेगी। जानकारी को सीधे कॉलेजों को भरना है इसलिए इस पर तकनीकी शिक्षा संचालनालय की कोई भूमिका नहीं होगी।
एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी
एआईसीटीई के इस नियम के बाद छात्रों को प्रवेश लेने के समय सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों की जानकारी केवल एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।
छात्रों को कॉलेज से संबंधित सभी तरह की जानकारी प्रवेश के पहले मिलने की वजह से वे काउंसिलिंग के समय परेशान नहीं होंगे कि वे किस कॉलेज में एडमिशन लें और किसमें नहीं।
काउंसिलिंग के समय प्रचार नहीं
प्रदेश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज अपने कालेजों का प्रसार-प्रचार अब काउंसिलिंग के समय नहीं कर पाएंगे। काउंसिलिंग स्थल पर छात्रों को रिझाने की शिकायत के बाद एआईसीटीई इसके खिलाफ हो गया है।
कालेज प्रबंधन अपने कॉलेजों की जानकारी सत्र के पहले ही दे देंगे। काउंसिलिंग के समय स्टॉल लगाने या पांपलेट बांटने पर पाबंदी होगी। इसकी मानिटरिंग तकनीकी शिक्षा संचालनालय के अधिकारी करेंगे।
प्रदेश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को वेबसाइट पर पूरी जानकारी देनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले कॉलेजों पर एक साल का बैन भी लगाया जा सकता है।
एमआर खान, एडिशनल डायरेक्टर, तकनीकी शिक्षा संचालनालय(असगर खान,दैनिक भास्कर,रायपुर,20.3.11)
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