बिहार की राजधानी पटना में गरीब छात्रों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने वाले चर्चित संस्थान सुपर 30 के संस्थापक कुमार आनंद की प्रशंसा कनाडा के एक अखबार ने की है। कनाडा के चर्चित दैनिक अखबार 'द ग्लोब एंड मेल' ने आनंद को एक ऐसा जुनूनी नायक बताया है जो प्रत्येक वर्ष गरीब बच्चों को उंचाई छूने का सपना दिखाते हुए शिक्षा के माध्यम से उन्हें वहां पहुंचाने का प्रयास करता है।
वर्ष 2010 में आनंद को टाइम पत्रिका ने 'द बेस्ट ऑफ एशिया' में शामिल किया था। न्यूजवीक पत्रिका ने सुपर 30 को विश्व के चार प्रयोगधर्मी विद्यालयों में शामिल किया था। जापान के चर्चित प्रकाशक भूषण द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'इनदो नो शोगकी' में आनंद के संघर्षपूर्ण जीवन और उनकी उपलब्धियों को समर्पित एक पाठ है। यह पुस्तक जापान के मशहूर चैनल एनएचके के विशेष पत्रकारों के एक दल द्वारा लिखी गई है। उल्लेखनीय है कि जापान के प्रसिद्घ टीवी चैनल कंसई टेलीकास्टिंग कारपोरेशन की निदेशक युता अम्मा कुछ दिन पूर्व आनंद पर एक वृत्तचित्र बनाने के लिए पटना आई हुई थीं। इससे पहले भी जापान में कई चैनल और समाचार पत्र आनंद की जीवनी प्रकाशित कर चुके हैं। इधर, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही चर्चा को लेकर आनंद कहते हैं कि वे खुश अवश्य हैं परंतु वह इसका सारा श्रेय अपने संस्थान के बच्चों को देते हैं। आनंद कहते हैं कि इन बच्चों की मेहनत के कारण ही उनकी प्रशंसा विदेशों में हो रही है(दैनिक भास्कर,पटना,25.7.11)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।