करीब 45 साल की उम्र में 66 महिलाओं को सरकारी नौकरी की सौगात मिलने वाली है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास ने राज्य सरकार से मंजूरी ले ली है। मामला महिला एवं बाल विकास विभाग में पिछले दस सालों से संविदा पर तैनात महिला पर्यवेक्षकों का है। विभाग ने अब इन सभी को नियमित करने का फैसला कर जल्द नियुक्ति देने का निर्णय कर लिया है।
महिला पर्यवेक्षकों की कमी झेल रहे विभाग ने 2002 में लगभग 66 पर्यवेक्षकों को ठेके पर तैनात किया गया था। इसके बाद पर्यवेक्षकों ने नियमित करने की मांग करते हुए विभागीय मंत्री से लेकर आला अघिकारियों तक से गुहार लगाई। काफी समय बाद विभाग ने इनको संविदा पर तैनात कर 34 सौ रूपए मानदेय देना शुरू कर दिया। लगभग दस साल से संविदा नौकरी कर रही इन महिलाओं पर्यवेक्षकों को 54 सौ रूपए मानदेय दिया जा रहा है।
अब इन्हें नियमित करने की तैयारी है। विभाग के अफसर और कर्मचारियों की मानें तो यह पहला मौका है जब इस तरह संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक का कहना है कि मेरी पूरी सर्विस में पहला अनुभव है जब इस तरह का फैसला किया गया है। संविदा पर काम कर रही महिलाओं को नियमित कर महिला सुपरवाइजर बनाया जा रहा है। जल्द ही इनको सरकारी आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे(राजस्थान पत्रिका,जयपुर,25.7.11)।
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