शिक्षा विभाग की अनुकंपा नियुक्ति में भी आरक्षण की बात भले ही अटपटी लगे मगर विभाग की यह मंशा हाल में दिए गए दिशा-निर्देशों से जाहिर हुई है। विभाग के उच्चाघिकारियों से जिला शिक्षा अघिकारियों को मिले निर्देशों के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों में जाति और श्रेणी संख्या की अनिवार्यता के बाद ही आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। इसे नियमों के पीठ पीछे आरक्षण लागू करने जैसा ही माना जा रहा है।
अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन में जाति और जाति श्रेणी संख्या जरूरी रूप से लिखवाने की बाध्यता विभाग पहली बार कर रहा है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि इसके पीछे विशेष वर्गो को नियुक्ति में प्राथमिकता देने की मंशा हो सकती है। कई अन्य विभागीय गतिविघियों में केवल एससी और एसटी वर्ग को अघिक फायदा पहुंचाने के आरोप विभाग पर पहले भी लग चुके हैं।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि अनुकंपा नियुक्ति में जाति और जाति श्रेणी संख्या के आधार पर सभी वर्गो के आवेदन पत्रों की छंटनी किया जाएगा। इसके बाद अभी तक मिले मौखिक निर्देशों के बाद एससी और एसटी वर्ग के मृतक आश्रित कर्मचारियों को पहले प्राथमिकता देने के लिए जिला शिक्षा अघिकारियों को कहा गया है। सभी अनुकंपा नियुक्ति को देने से पहले इनकी सूची शिक्षा मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल को दिखाई जाएगी और मंत्री से फाइनल होने वाली सूची को पहले निुयक्ति मिलेगी।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई अगर होती है तो विभाग का साफ तौर पर जातिगत भेदभाव सामने आएगा और यह प्रक्रिया एक तरह से आरक्षण लागू करने जैसी प्रक्रिया हो जाएगी। जबकि अनुकंपा नियुक्तियों के मामले में किसी तरह की प्राथमिकता नहीं लागू की जा सकती है। मृतक कर्मचारियों के आवेदनों में पद की जगह पद देने की प्रक्रिया होती है और जिसमें पहले आवेदन को पहले मौका मिलता है।
इनका कहना है : अनुकंपा नियुक्ति में इस तरह की मंशा कर्मचारियों में रोष पैदा कर सकती है और जातिगत भेदभाव बढ़ सकता है। जाति और जाति श्रेणी संख्या के लिए आवेदन में दबाव नहीं डाला जा सकता है।
- शशिभूषण शर्मा, अतिरिक्त महामंत्री, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
जाति और जाति श्रेणी संख्या आवेदन पत्र में लिखवाने के लिए अगर मृतक आश्रित कर्मचारियों के लिए जरूरी किया जा रहा है तो यह गलत है। इसके पीछे कुछ लोगों को प्राथमिकता देने की मंशा जाहिर होती है और इससे विरोध पैदा होगा।
- रामकृष्ण अग्रवाल, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ अरस्तु
(राजस्थान पत्रिका,जयपुर,25.7.11)
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