राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के नये नियमों ने स्नातक स्तर पर प्रोफेशनल कोर्स उत्तीर्ण कर बीटीसी में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए नया संकट पैदा कर दिया है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए एनसीटीई द्वारा बनाये गए इन नियमों ने स्नातक स्तर पर प्रोफेशनल कोर्स उत्तीर्ण कर बीटीसी 2010 में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती की दौड़ से बाहर कर दिया है। वजह यह है कि इन नियमों के तहत ऐसे अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में बैठने के हकदार ही नहीं हैं। प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता बीटीसी है। बीटीसी में प्रवेश के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक है। बीटीसी 2010 में प्रवेश के लिए सभी प्रकार के स्नातक पाठ्यक्रम मान्य थे। बीटीसी 2010 में बीए, बीएससी व बीकॉम के अलावा बीटेक, बीसीए व बीफार्मा सरीखे कोर्स करने वालों को भी दाखिला दिया गया। बीटीसी 2010 प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने 23 अगस्त 2010 को अधिसूचना जारी कर नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत कक्षा एक से आठ तक में शिक्षकों की भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता तय कर दी। शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया।
स्नातक में पचास फीसदी अंक जरूरी
एनसीटीई के मुताबिक टीईटी में वही अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे जो 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना में निर्धारित शैक्षिक योग्यता पूरी करते हों। इस अधिसूचना में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए स्नातक स्तर पर जो अर्हता निर्धारित की गई थी, उसमें सिर्फ बीए और बीएससी का उल्लेख था। चार मई 2011 को एनसीटीई ने इस अधिसूचना को संशोधित करते हुए बीए, बीएससी के साथ बीकॉम को भी शैक्षिक योग्यता में जोड़ा। इसी आधार पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने शासन को राज्य में टीईटी के आयोजन का जो प्रस्ताव भेजा था, उसमें टीईटी में शामिल होने के लिए बीटीसी के साथ स्नातक स्तर पर बीए, बीएससी व बीकॉम में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता रखी गई थी। बीटीसी 2011 के लिए भी एससीईआरटी ने शासन को जो संशोधित प्रस्ताव भेजा है, उसमें अनिवार्य शैक्षिक योग्यता में बीए, बीएससी व बीकॉम को ही शामिल करते हुए स्नातक स्तर के अन्य पाठ्यक्रमों को अमान्य कर दिया गया है। टीईटी के लिए सिर्फ बीए, बीएससी और बीकॉम की मान्यता के कारण स्नातक स्तर पर बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीफार्मा जैसे प्रोफेशनल कोर्स उत्तीर्ण कर बीटीसी 2010 में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थी दो साल की ट्रेनिंग पूरी करने के टीईटी में शामिल नहीं हो पाएंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि परिषदीय स्कूलों में शिक्षक नियुक्त होने के लिए बीटीसी सिर्फ एक शैक्षिक योग्यता है, नौकरी की गारंटी नहीं(राजीव दीक्षित,दैनिक जागरण,लखनऊ,25.7.11)।
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