उच्च और तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा विभाग को छोड़कर मप्र में संविदा नियुक्ति की अधिकतम आयु 65 वर्ष होगी। इससे अब रिटायर्ड अफसरों को संविदा नियुक्ति देने के मामले बार-बार मंत्रिपरिषद से मंजूर नहीं कराने पड़ेंगे। यह फैसला मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुआ।
मंत्रिपरिषद ने तय किया कि संविदा नियुक्ति में शासकीय आवास आवंटित नहीं किए जाएंगे। नियुक्ति पर कार्यभार ग्रहण करने से पहले शासकीय आवास रिक्त करने का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से देना होगा। कैबिनेट ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना के तहत इलाज के लिए सालाना मदद 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दी है।
कैबिनेट ने इंदौर में सुपर कॉरिडोर में टीसीएससी को आवंटित हो रही 100 एकड़ जमीन में आ रहे श्रीराम मंदिर की 1.776 एकड़ के एवज में सरकार इंदौर विकास प्राधिकरण को इतनी ही जमीन मंदिर को अन्यत्र आवंटित करने देगी। इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सहायक विकास विस्तार अधिकारी और ग्राम सहायकों को मिलाकर बनाया गया पंचायत समन्वय अधिकारी कॉडर को खत्म कर दोनों पदों के लिए अलग- अलग संवर्ग बहाल करने का निर्णय भी लिया है। फैसले के अनुसार स्नातक ग्राम सहायक संवर्ग के 2 हजार पदों को डाइंग कॉडर में रखकर और गैर स्नातक ग्राम सहायकों पंचायत समन्वय अधिकारी के नाम से पंचायत राज आयुक्त संचालनालय के अधीन रखा जाएगा। जबकि स्नातक सहायक विकास विस्तार अधिकारी के 1842 पद डाइंग कॉडर से मुक्त रखकर शेष पदों को डाइंग कॉडर में शामिल किया गया है, इन पदों को पहले की ही तरह विकास आयुक्त स्थापना के तहत रखा जाएगा(दैनिक भास्कर,भोपाल,31.8.11)।
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