राजधानी 12 दिनों तक अन्ना मय रहने के बाद लोग भले ही अपनी दिनचर्या और काम में व्यस्त हो गए हों लेकिन स्कूली बच्चे अब भी अन्ना के प्रति काफी क्रेजी हैं। हालत यह है कि कक्षाओं में शिक्षक उन्हें पढ़ाने जाते हैं तो बच्चे उनसे अन्ना हजारे से जुड़ी बातों पर सवाल-जबाव करते हैं। बच्चे न केवल अन्ना के आंदोलन और रामलीला मैदान में किए गए अनशन के बारे में पूछते हैं, बल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में काफी सवाल करते हैं। शिक्षक काफी हद तक अन्ना आंदोलन और रामलीला मैदान की बातें तो बता देते हैं, लेकिन उनसे जुड़ी व्यक्तिगत बातों की जानकारी न होने से उन्हें बच्चों के सामने थोड़ा-बहुत शर्मसार भी होना पड़ रहा है। आजकल के हाजिर जबाव बच्चे शिक्षकों को यहां तक कह देते हैं कि क्या सर आपको भी अन्ना की बातें नहीं मालूम है। हालत यह है कि अन्ना के बारे में बच्चों द्वारा दागे जा रहे सवालों की जानकारी देने के लिए शिक्षक इंटरनेट पर अन्ना की व्यक्तिगत और उनसे जुड़ी हर बात की जानकारी जुटा रहे हैं। निजी स्कूल में पढ़ाने वाले संजय गौतम, विवेक कुमार के अलावा सरकारी स्कूल के शिक्षक मदन मोहन तिवारी, सुनील शर्मा, संतोष जायसवाल आदि ने बताया कि अन्ना आंदोलन देश-दुनिया में इतना अधिक लोकप्रिय हुआ है कि बड़े तो क्या अब स्कूली बच्चे भी सवाल करते हैं। 12-13 दिनों तक सभी न्यूज चैनलों पर लाइव दिखाए जाने के कारण बच्चों की मन:स्थिति पर भी इसका पूरा असर हुआ है। कक्षा में ज्यादातर बच्चे अन्ना की व्यक्तिगत बातें पूछते हैं। मसलन वह कहां के हैं, पूरा नाम क्या है, वे क्या करते थे, कितनी बार अनशन कर चुके हैं, उन्होंने शादी क्यों नहीं की, उनके पिता जी का नाम क्या है, जन लोकपाल क्या है, इससे क्या होता हैं आदि। उन्होंने बताया कि इतनी बातों की जानकारी तो शिक्षकों को भी नहीं है। शिक्षक इंटरनेट पर अन्ना हजारे के बारे में सभी जानकारियां इक्कठी कर रहे हैं ताकि बच्चों के सवालों की जानकारी दे सकें। हालत यह है कि अभी तक बच्चे अन्ना से बाहर नहीं निकल सकें। जो बच्चे रामलीला मैदान जा चुके हैं वे दूसरे बच्चों को वहां की पूरी हालात की जानकारी दे रहे हैं(विभूति कुमार रस्तोगी,दैनिक जागरण,दिल्ली,1.9.11)।
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