इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कहा है कि राज्य सरकार बीएड सत्र शून्य घोषित नहीं कर सकती है । न्यायमूर्ति प्रदीपकांत व ऋतुराज अवस्थी की पीठ ने राज्य सरकार द्वारा १५ अक्टूबर , २००९ को जारी शासनादेश को रद्द कर दिया। जिसमें सत्र शून्य करने की बात की गई थी । पीठ ने राज्य सरकार की कार्य प्रणाली पर ऐतराज जताते हुए दो लाख का जुर्माना भी लगाया है ।
कोर्ट ने आगामी बीएड सत्र की पढ़ाई एक जुलाई से शुरू कराने का आदेश दिया है । इसके लिए १५ जून तक काउंसलिंग तथा ३० जून तक दाखिले की सारी प्रक्रिया पूरी करने का आदेश भी कोर्ट ने पारित किया है । पीठ ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है कि वह बीएड सत्र को शून्य घोषित कर सके । परीक्षा कराने वाला विविसंबंधित बीएड कॉलेजों से विचार विमर्श के बाद ही सत्र शून्य घोषित करने का निर्णय ले सकता है ।
(नई दुनिया,दिल्ली में प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित)
(नई दुनिया,दिल्ली में प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित)
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