देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा देने का मौका सिर्फ योग्य छात्रों को ही मिल सकेगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति ने प्रवेश परीक्षा में सुधार करने की दिशा में सिर्फ होशियार और योग्य छात्रों को बैठने की अनुमति देने की अनुशंसा कर सकती है। आईआईटी ख़ड़गपुर के डायरेक्टर प्रो.दामोदर आचार्य की अगुवाई वाली समिति इसके लिए एक फार्मूले पर कार्य कर रही है। जिसके बाद सिर्फ क्षमतावान तथा योग्य छात्रों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल सकती है। समिति इसके लिए छात्रों द्वारा १२ वीं कक्षा में प्राप्त अंकों को प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए मापदंड बनाने की अनुशंसा कर सकती है। यानी १२ वीं में कम नंबर पाने वाले छात्र आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बैठने से वंचित रह सकते हैं। देश के १५ संस्थानों की १० हजार सीटों के लिए प्रतिवर्ष ४ लाख छात्र परीक्षा देते हैं।
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30 मार्च 2010
सीमित छात्र ही दे सकेंगे आईआईटी प्रवेश-परीक्षा
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