मध्यप्रदेश में कॉलेज और यूनिवर्सिटी शिक्षकों और अधिकारियों को केंद्र सरकार की अनुशंसा के मुताबिक पुनरीक्षित वेतनमान मिलने और टीचिंग स्टाफ की सेवानिवृत्ति आयु सीमा ६५ वर्ष करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा अपरंपरागत उर्जा स्त्रोंतों के दोहन हेतु नया विभाग, बुंदेलखंड में नया विवि स्थापित करने तथा विदेशी शराब इकाइयों और बाटलिंग प्लांट स्थापित करने के लिए आवेदनों से प्रतिबंध भी हटाया जाएगा।
यह राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। इस बैठक में, कालेज-विवि के शिक्षकों व अधिकारियों को एक जनवरी ०६ से पुनरीक्षित (यूजीसी) वेतनमान का लाभ देने का फैसला प्रमुख है। इसके अलावा, क्लाम रूप टीचिंग में संलग्न स्टाफ की सेवानिवृत्ति आयुसीमा ६२से बढ़ाकर ६५ करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। हालांकि ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारी संवर्ग की अधिवार्षिकी आयु ६२वर्ष ही रहेगी।
खास बात यह है कि एक जनवरी ०६ से यह आदेश जारी होने की तिथि तक सेवानिवृत्त शिक्षकों को राज्य शासन आवश्यकतानुसार ७० वर्ष तक उक्त निर्देशों के तहत अतिथि विद्वान के तौर पर आमंत्रित कर सकेगा।
(नई दुनिया,दिल्ली,7.4.2010)
यह राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। इस बैठक में, कालेज-विवि के शिक्षकों व अधिकारियों को एक जनवरी ०६ से पुनरीक्षित (यूजीसी) वेतनमान का लाभ देने का फैसला प्रमुख है। इसके अलावा, क्लाम रूप टीचिंग में संलग्न स्टाफ की सेवानिवृत्ति आयुसीमा ६२से बढ़ाकर ६५ करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। हालांकि ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारी संवर्ग की अधिवार्षिकी आयु ६२वर्ष ही रहेगी।
खास बात यह है कि एक जनवरी ०६ से यह आदेश जारी होने की तिथि तक सेवानिवृत्त शिक्षकों को राज्य शासन आवश्यकतानुसार ७० वर्ष तक उक्त निर्देशों के तहत अतिथि विद्वान के तौर पर आमंत्रित कर सकेगा।
(नई दुनिया,दिल्ली,7.4.2010)
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