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08 अप्रैल 2010

राष्ट्रीय संस्थान में पाली-प्राकृत विभाग खुला

दिल्ली में जनकपुरी स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान में पालि-प्राकृत विभाग का उद्घाटन किया गया। इससे अब पाली भाषा की पढ़ाई व शोध करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। यह कार्य केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आदेशानुसार किया गया है। जिसका उद्घाटन सांसद महाबल मिश्रा ने किया। इस मौके पर जयदेव द्वारा रचित गीत गोविंद का हिंदी पद्यानुवाद भी किया गया। इस मौके संस्थान के कुलपति प्रो राधावल्लभ त्रिपाठी ने कहा कि भारतीयता को भाषा के दृष्टिकोण से समग्र रूप से देखने के लिए यह कार्य जरूरी था, क्योंकि संस्कृत के साथ पाली प्राकृत का गहरा संबंध है। इस मौके जयदेव रचित गीत गोविंद ग्रंथ के हिंदी पद्यानुवाद का लोकार्पण किया गया। जिसे शशिपाल शर्मा ने अनुवादित किया है। देववाणी परिषद के महासचिव रमाकांत शुक्ल,चंद्रभूषण झा,अजय मिश्रा समेत अनेक लोग उपस्थित थे।
(नई दुनिया,दिल्ली,7.4.2010)

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