भारत और आस्ट्रेलिया ने गुरुवार को उच्च शिक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हमलों के बाद दोनों देशों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग ब़ढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। समझौते पर मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल और आस्ट्रेलियाई उप प्रधानमंत्री जुलिया गिलार्ड ने हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं के बीच छह महीने में यह दूसरी मुलाकात थी।
नए उच्च शिक्षा करार के तहत दोनों देशों के बीच संयुक्त शिक्षा परिषद के गठन पर भी सहमति हुई ताकि शिक्षा के क्षेत्र में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच सहयोग और ब़ढ़ सके। भारत-आस्ट्रेलिया संयुक्त शिक्षा परिषद में दोनों ओर के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस अवसर पर जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और आस्ट्रेलिया के रिश्ते नाजुक मो़ड़ से गुजर रहे हैं। पारस्परिक रिश्तों की मजबूती के लिए दोनों देशों के लोगों का आपसी संपर्क जरूरी है। दोनों देशों में अध्ययन कर रहे छात्र रिश्तों के विकास, आपसी समझदारी और मित्रता के लिए सेतु की भूमिका अदा कर सकते हैं।
गिलार्ड, जो आस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री भी हैं, ने कहा कि उनकी सरकार छात्रों की सुरक्षा और कुशलक्षेम को उच्च प्राथमिकता देती है क्योंकि छात्र दोनों देशों के रिश्ते मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सिब्बल ने कहा कि शैक्षिक सहयोग ब़ढ़ाने का मतलब यह नहीं है कि आस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हो रहे हमलों को लेकर हम चिंतित नहीं है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल आस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हमलों के १०० से ज्यादा मामले हुए जिसमें एक २१ वर्षीय छात्र नितिन गर्ग की हत्या का मामला भी शामिल है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव भी ब़ढ़ा। भारत सरकार ने आस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों के लिए यात्रा सलाह भी जारी की जिसमें आस्ट्रेलिया में रहने के दौरान अतिरिक्त सावधानी की बात की गई। यात्रा सलाह जारी करने के मुद्दे पर सिब्बल ने कहा कि यह उस समय जारी की गई थी जब हमलों की घटनाएं ज्यादा हो रही थीं। अभी भी भारतीय छात्र आस्ट्रेलिया आ रहे हैं। हमने उन्हें आने से नहीं रोका है।
मानव संसाधन विकास मंत्री ने हमलों को रोकने में आस्ट्रेलिया सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना भी की। उनका मानना है कि हमलों की घटनाओं में अब गिरावट आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हमलों के चलते राष्ट्रीय स्तर पर विदेशी छात्रों की संख्या में तीन प्रतिशत और विक्टोरिया में विदेशी छात्रों की संख्या में १२ प्रतिशत की गिरावट हुई है। विक्टोरिया प्रांत में भारतीय छात्रों की संख्या ४० प्रतिशत गिरकर ६३०३ से ३७६१ रह गई। इस बीच सिब्बल ने यहां विक्टोरिया सरकार प्रमुख जॉन ब्रम्बी से मुलाकात की और उनसे राज्य में भारतीयों पर हो रहे हमलों के मामले में अभियोजन पक्ष के खिलाफ की जा रही कार्रवाईयों के बारे में जानकारियां साझी कराने की भी बात की। उनका मानना है कि इससे भारतीय समुदाय ज्यादा सहज महसूस कर सकेंगे।
(नई दुनिया,दिल्ली,9.4.2010)
नए उच्च शिक्षा करार के तहत दोनों देशों के बीच संयुक्त शिक्षा परिषद के गठन पर भी सहमति हुई ताकि शिक्षा के क्षेत्र में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच सहयोग और ब़ढ़ सके। भारत-आस्ट्रेलिया संयुक्त शिक्षा परिषद में दोनों ओर के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस अवसर पर जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और आस्ट्रेलिया के रिश्ते नाजुक मो़ड़ से गुजर रहे हैं। पारस्परिक रिश्तों की मजबूती के लिए दोनों देशों के लोगों का आपसी संपर्क जरूरी है। दोनों देशों में अध्ययन कर रहे छात्र रिश्तों के विकास, आपसी समझदारी और मित्रता के लिए सेतु की भूमिका अदा कर सकते हैं।
गिलार्ड, जो आस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री भी हैं, ने कहा कि उनकी सरकार छात्रों की सुरक्षा और कुशलक्षेम को उच्च प्राथमिकता देती है क्योंकि छात्र दोनों देशों के रिश्ते मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सिब्बल ने कहा कि शैक्षिक सहयोग ब़ढ़ाने का मतलब यह नहीं है कि आस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हो रहे हमलों को लेकर हम चिंतित नहीं है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल आस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हमलों के १०० से ज्यादा मामले हुए जिसमें एक २१ वर्षीय छात्र नितिन गर्ग की हत्या का मामला भी शामिल है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव भी ब़ढ़ा। भारत सरकार ने आस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों के लिए यात्रा सलाह भी जारी की जिसमें आस्ट्रेलिया में रहने के दौरान अतिरिक्त सावधानी की बात की गई। यात्रा सलाह जारी करने के मुद्दे पर सिब्बल ने कहा कि यह उस समय जारी की गई थी जब हमलों की घटनाएं ज्यादा हो रही थीं। अभी भी भारतीय छात्र आस्ट्रेलिया आ रहे हैं। हमने उन्हें आने से नहीं रोका है।
मानव संसाधन विकास मंत्री ने हमलों को रोकने में आस्ट्रेलिया सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना भी की। उनका मानना है कि हमलों की घटनाओं में अब गिरावट आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हमलों के चलते राष्ट्रीय स्तर पर विदेशी छात्रों की संख्या में तीन प्रतिशत और विक्टोरिया में विदेशी छात्रों की संख्या में १२ प्रतिशत की गिरावट हुई है। विक्टोरिया प्रांत में भारतीय छात्रों की संख्या ४० प्रतिशत गिरकर ६३०३ से ३७६१ रह गई। इस बीच सिब्बल ने यहां विक्टोरिया सरकार प्रमुख जॉन ब्रम्बी से मुलाकात की और उनसे राज्य में भारतीयों पर हो रहे हमलों के मामले में अभियोजन पक्ष के खिलाफ की जा रही कार्रवाईयों के बारे में जानकारियां साझी कराने की भी बात की। उनका मानना है कि इससे भारतीय समुदाय ज्यादा सहज महसूस कर सकेंगे।
(नई दुनिया,दिल्ली,9.4.2010)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।