मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

09 अप्रैल 2010

दिल्ली विश्वविद्यालय में संशोधित पाठ्यक्रम की राह में कई अड़ंगे

दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रशासन आगामी सत्र से सेमेस्टर सिस्टम लागू करने की कवायज में जुटा है पर पाठ्यक्रम तैयार करने में अड़चन ही अड़चन है। सेमेस्टर सिस्टम के मुताबिक संशोधित पाठ्यक्रम तैयार करने को लेकर विभिन्न विभागों में अड़ंगा लगा हुआ है। कहीं शिक्षकों ने पाठ्यक्रम तैयार करने के काम का बहिष्कार कर रखा है तो कहीं कमेटी ऑफ कोर्सेज इस तरह के किसी भी प्रयास को अवैध ठहराने में जुटी है। ऐसे में सेमेस्टर लागू होगा इस पर सवालिया निशान उठ खड़ा हुआ है।

विवि में गुヒवार को तीन विभागों में पाठ्यक्रम तैयार करने के काम में अड़ंगा सामने आया। पाठ्यक्रम तैयार करने को लेकर दर्शनशास्त्र विभाग में शिक्षकों ने सेमेस्टर लागू करने की कवायद को एक सिरे से नकार दिया। आमसभा की बैठक में विभागाध्यक्ष समेत शिक्षकों ने सर्वसम्मति से इसे लागू करने से मना कर दिया। वह मौजूदा आनर्स कोर्स के लिए इसे उपयुक्त नहीं मान रहे थे। गुヒवार को सेमेस्टर सिस्टम के लिए दूसरी बैठक भौतिकी विभाग में कमेटी ऑफ कोर्सेज की हुई। बताया जाता है कि यहां कमेटी के सदस्यों ने विभागाध्यक्ष द्वारा एक प्रस्तावित पाठ्यक्रम की वैधानिकता पर सवाल उठाए।

सदस्यों ने कहा कि विभाग में जब तक कमेटी ऑफ कोर्सेज पाठ्यक्रम तैयार नहीं करती तब तक किसी अन्य को यह अधिकार नहीं कि वह पाठ्यक्रम तैयार करे। अगर कोई ऐसा कदम उठाता है तो इसे मान्यता नहीं दी जाएगी। इसी तरह बॉटनी और जूलॉजी के विभाग प्रमुखों ने भी स्नातक स्तर पर लाइफ साइंस के कोर्स को लेकर एक बैठक कर रहे थे जहां जाकर डूटा पदाधिकारियों और शिक्षक नेताओं ने विरोध जताया। डूटा अध्यक्ष आदित्य नारायण मिश्रा ने प्रो रूपलाल से पाठ्यक्रम को लेकर कोई भी ऐसा काम नहीं करने को कहा जिसमें नियमों की अनदेखी की गई हो। शिक्षक संगठन एनडीटीएफ के सचिव अजय भागी ने बताया कि आनन फानन में सेमेस्टर लागू करना छात्रों के कॅरियर के साथ खिलवाड़ करना है। सेमेस्टर के लिए अभी पाठ्यक्रम तैयार नहीं हुए हैं।
(नई दुनिया,दिल्ली,9.4.2010)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।