गौरतलब है कि पश्चिमी दिल्ली में दिल्ली विश्वविद्यालय के पांच कालेज हैं। लेकिन किसी में भी हॉस्टल की सुविधा नहीं है। जिसकी वजह से बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को मंहगे किराए के मकान में रहते हैं। इसके अभाव में लड़कियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना होता है।
कालेज अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक हॉस्टल बनने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हॉस्टल का नक्शा शहरी कला आयोग में मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार ३.८० करोड़ रूपये की लागत से इस वर्ष यहां हॉस्टल बनने का काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा ६०० लोगों की क्षमता वाला एक सभागार भी होगा। जिसपर ढाई करोड़ खर्च होंगे। दिल्ली सरकार व यूजीसी दोनों ही फंड दे रही है।
(नई दुनिया,दिल्ली,7.4.2010)
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