इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की रायपुर शाखा शुरू करने के लिए आला अफसरों पर दबाव बढ़ रहा है। तकनीकी शिक्षा सचिव नारायण सिंह ने दिल्ली में आला अफसरों के साथ बैठक की। दो बार संशोधन के बाद आखिरकार आईआईएम को संचालित करने वाली समिति को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की मंजूरी मिल गई। इसमें तकनीकी शिक्षा सचिव के अलावा बिलासपुर विवि के कुलपति, इंदौर आईआईएम के डायरेक्टर को भी शामिल किया गया है।
सेजबहार स्थित न्यू जीईसी कॉलेज में आईआईएम को आबंटित की गई जमीन के हस्तांतरण के कागज भी सौंप दिए गए हैं। गौरतलब है कि आईआईएम शुरू न हो पाने की खबर सर्वप्रथम दैनिक भास्कर ने ही प्रमुखता के साथ प्रकाशित की थी। इसके बाद ही आला अधिकारियों की नींद खुली। खबर प्रकाशित होने के बाद ही राज्य मुख्य सचिव ने भी एक बैठक आहूत कर ताजा स्थिति की समीक्षा की थी। इसके बाद ही अधिकारियों की दिल्ली की दौड़ शुरू हुई।
फिलहाल कुछ कोर्स
आईआईएम रायपुर में फिलहाल शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन कोर्सो के साथ ही आईआईएम की शुरुआत हो जाएगी। संचालन समिति को मंजूरी मिल जाने के बाद जल्द ही उन उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा जिन्होंने डायरेक्टर के पद के लिए आवेदन किया है। डायरेक्टर की नियुक्ति के बाद ही प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी।
एडमिशन कैसे होगा तय नहीं
शॉर्ट टर्म कोर्स के लिए एडमिशन कैसे होगा फिलहाल यह तय नहीं है। आला अधिकारी इसमें मंत्रालय और इंदौर आईआईएम से राय लेने के बाद ही एडमिशन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। राज्य और केंद्र की लेटलतीफी की वजह से ही छात्रों को इस बार आईआईएम रायपुर की सौगात नहीं मिल पाई। सारी प्रक्रिया पहले से ही शुरू कर दी जाती तो छात्रों को भी राहत मिलती।
(दैनिक भास्कर,रायपुर,20.5.2010 में असगर खान की रिपोर्ट)
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